• Hindi News
  • National
  • Mamata Banerjee: CM Mamata Banerjee demands Election commissioners be appointed through collegium like Supreme Court

बंगाल / ममता की मांग- सुप्रीम कोर्ट की तरह चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कॉलेजियम से हो



Mamata Banerjee: CM Mamata Banerjee demands- Election commissioners be appointed through collegium like Supreme Court
X
Mamata Banerjee: CM Mamata Banerjee demands- Election commissioners be appointed through collegium like Supreme Court

  • ममता बनर्जी ने कहा- आयोग के तीन नामित सदस्यों को मतदान कराने का पूरा अधिकार नहीं होना चाहिए
  • उन्होंने ईवीएम को लेकर मिली शिकायतों की जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने की भी मांग की

Dainik Bhaskar

Jun 08, 2019, 12:30 PM IST

कोलकाता. प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की तरह ही कॉलेजियम से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति होनी चाहिए। लोकसभा चुनाव में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए ममता ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग के तीन नामित सदस्यों को मतदान कराने का पूरा अधिकार नहीं होना चाहिए।

 

ममता ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में एक कॉलेजियम होता है जो जजों की नियुक्ति तय करता है। इसलिए चुनाव आयोग में आयुक्त की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम होना चाहिए।

 

ईवीएम मामले पर सभी विपक्षी पार्टियां एकसाथ आएं- ममता

बनर्जी ने सभी विपक्षी पार्टियों से ईवीएम मामले पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर एक कमेटी बनाने की मांग करनी चाहिए जो ईवीएम में छेड़छाड़ और चुनावी शिकायतों की जांच करे। 

 

'ईवीएम में छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ी के कई सबूत मिले'

उन्होंने कहा- ईवीएम में छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ी के कई सबूत मिले हैं। हमारा मानना है कि यहां फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी होनी चाहिए जो इन मामलों की जांच करे। उन्होंने कहा कि हम इसे लेकर जल्द ही कांग्रेस से भी बात करेंगे। वहीं, नीति आयोग की बैठक में शामिल न होने के फैसले को लेकर ममता ने कहा कि बैठक में शामिल होना बेकार है, क्योंकि इसका एजेंडा केंद्र ने राज्यों की सहमति के बिना पहले ही तैयार कर लिया है।

 

सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और प्रमोशन पर फैसला लेता है कॉलेजियम

सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और प्रमोशन से जुड़े मामलों के लिए पांच सीनियर जजों की एक समीति बनाई जाती है। इसे कॉलेजियम कहते हैं। समिति नियुक्ति और प्रमोशन से जुड़े मामलों पर फैसला लेती है और सरकार को भेजती है। सरकार अगर कॉलेजियम की सिफारिश को मान लेती है तो उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। राष्ट्रपति नोटिफिकेशन जारी करता है। इसके बाद जज की नियुक्ति होती है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना