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पहली बार शपथ में नसीहत:राज्यपाल ने कहा- बंगाल में हिंसा तुरंत बंद हो, दीदी का जवाब- अब तक चुनाव आयोग के हवाले था बंगाल

कोलकाता5 महीने पहले
  • ममता बनर्जी ने बुधवार को लगातार तीसरी बार बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
  • शपथ के बाद ममता कोरोना और हिंसा पर बोलीं, इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें नसीहत दी

ममता फिर मुख्यमंत्री बन गईं। उन्होंने बुधवार को शपथ ले ली। ये तीसरी बार है जब वे बंगाल की कमान संभाल रहीं। पर इस दौरान रोचक वाकया हुआ। शपथ के दरम्यान मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच कहा-सुनी सी हुई। इसे जस का तस पढ़िए...

समय सुबह साढ़े दस बजे। ममता बनर्जी टाउन हॉल पहुंचीं। पंद्रह मिनट बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ आए। करीब पांच मिनट बाद ममता को शपथ दिलाई गई। फिर दोनों के बीच औपचारिक अभिवादन की परंपरा निभाई गई। धनखड़ ने ममता को गुलदस्ता दिया। ममता ने कुछ दस्तखत किए और सीधे मीडिया के सामने।

ममता ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा...
‘हमारी प्राथमिकता कोविड के खिलाफ जंग लड़ना है। पहली मीटिंग मेरी कोविड को लेकर ही है। आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हम ये बताएंगे कि कोविड के लिए राज्य क्या-क्या कर रहा है। मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि शांति बनाए रखिए। बंगाल में किसी तरह की हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए। मैं ये मानकर चल रही हूं कि आज के बाद किसी भी तरह की हिंसक घटना हुई तो हम कड़ी कार्रवाई भी करेंगे। किसी भी व्यक्ति को क्षमा नहीं किया जाएगा। मैं शांति के पक्ष में हूं। बंगाल में शांति थी, है और रहेगी।’

इसके बाद माइक राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उठा लिया...
‘मैं आशा करता हूं कि ममता बनर्जी बंगाल में संविधान और कानून व्यवस्था के अनुसार शासन करेंगी। उम्मीद है कि ममता संविधान का मान रखते हुए ही काम करेंगी। बंगाल और देश इस वक्त जिस स्थिति में है और लोग परेशान हैं। इन हालात में हमारी प्राथमिकता इस निरर्थक हिंसा को बंद करना है। ये समाज पर बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल रही है। चुनावों के बाद हिंसा अगर बदला लेने के लिए है, तो ये संविधान के खिलाफ है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगी।

जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, खासतौर पर बच्चों और महिलाओं को, उन्हें प्राथमिकता देते हुए राहत पहुंचाई जाएगी। लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना साधारण बात नहीं है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और मेरी छोटी बहन इन हालात में खड़ी होंगी और चुनौतियों से निपटेंगी। इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं, जब हमें पार्टी और हितों से ऊपर उठना पड़ता है। मैं आपको और आपकी टीम को शुभकामनाएं देता हूं। उम्मीद करता हूं कि आप ऐसी व्यवस्था बनाएंगी, जिसमें राज्य खुशहाली और विकास के रास्ते पर बढ़ेगा।’

राज्यपाल ने बात खत्म की ही थी कि ममता ने माइक उठा लिया और बोलीं...
‘पिछले कुछ दिनों से बंगाल की व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। मुझे हिंसा के संबंध में खबरें मिली हैं। पिछले कुछ दिनों में जो घटनाएं हुई हैं, उसका जिम्मेदार चुनाव आयोग है। हम भरोसा दिलाते हैं कि हम नई व्यवस्था बनाएंगे और बंगाल में किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं होगी।’

ममता बनर्जी ने बुधवार सुबह 10:50 बजे तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
ममता बनर्जी ने बुधवार सुबह 10:50 बजे तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में अब तक 11 की मौत
बंगाल के कई जिलों में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प की खबर आई है। इसमें करीब 11 लोगों की मौत हो गई। भाजपा के ऑफिस और पार्टी वर्कर्स के घरों और दुकानों में भी आगजनी की खबरें हैं। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। वहीं, हिंसा की जांच CBI से कराने की याचिका दायर की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यपाल धनखड़ से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। राज्य के करीब 300 भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं के असम में शरण लेने की भी खबर है।

भाजपा विधायकों को नड्डा ने कोलकाता दफ्तर में शपथ दिलाई
बंगाल विधानसभा में जीत हासिल करने वाले भाजपा विधायकों को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोलकाता स्थित दफ्तर में शपथ दिलाई। नड्डा ने कहा कि हम विपक्ष की भूमिका का जिम्मेदारी से निर्वहन करेंगे। भाजपा देशभर में ममता सरकार का विरोध भी करेगी। पार्टी का आरोप है कि चुनाव के बाद तृणमूल राजनीतिक हिंसा पर उतारू हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि पार्टी सभी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। हम ये लड़ाई बंगाल की जनता के लिए निर्णायक मोड़ तक लड़ेंगे। बंगाल में हर व्यक्ति इज्जत के साथ और बिना डरे रहे यह BJP का लक्ष्य है। इसे हम पूरा करेंगे। जिस तरह बंगाल में नरसंहार हुआ और पूरे 36 घंटे ममता बनर्जी चुप रही। यह इन घटनाओं में उनकी भागीदारी को बताता है। उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत उनके हाथ में लगे हुए खून के साथ हुई है।

नंदीग्राम से हारीं ममता, किसी अन्य सीट से लड़ना पड़ सकता है चुनाव
ममता बनर्जी राज्य में तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालेंगी। हालांकि, खुद ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार चुकी हैं। हालांकि 66 साल की ममता बनर्जी को फिर किसी सीट से चुनाव लड़ना पड़ सकता है। इससे पहले ममता ने 20 मई 2011 को पहली और 27 मई 2016 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

कांग्रेस, लेफ्ट के बाद TMC का शासन सबसे ज्यादा
बंगाल ने 1950 से लगातार 17 सालों तक कांग्रेस को सत्ता सौंपी, लेकिन जब राज्य को सियासी उठापटक का सामना करना पड़ा तो 1977 में उसने वामदलों को चुन लिया। इसके बाद बंगाल ने लेफ्ट को एक या दो नहीं, पूरे सात विधानसभा चुनाव जिताए। लेफ्ट ने CPM की अगुआई में भारी बहुमत के साथ पूरे 34 साल राज किया।

लेफ्ट का दौर खत्म हुआ तो ममता की तृणमूल को सत्ता मिली और वे पिछले दस साल से आरामदायक बहुमत के साथ बंगाल पर राज कर रही हैं। इस बार फिर वे भारी बहुमत के साथ लौट रही हैं।

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