आज का इतिहास:सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस; उन्होंने ही खालसा पंथ की स्थापना की, दिए '5 ककार'

15 दिन पहले
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सिखों के दसवें और अंतिम गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे वीर संत थे, जिनकी मिसाल दुनिया के इतिहास में कम ही मिलती है। उन्होंने मुगलों के जुल्म के सामने कभी भी घुटने नहीं टेके और खालसा पंथ की स्थापना की। आज उनका शहीदी दिवस है। 1708 में 7 अक्टूबर को वे मुगलों के साथ लड़ाई में शहीद हुए।

वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह जैसे वाक्य गुरु गोविंद सिंह की वीरता को बयां करते हैं। 15वीं सदी में गुरु नानक ने सिख पंथ की स्थापना की। गोविंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर भी इस पंथ के गुरु थे।

गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाएं

  • धरम दी किरत करनी, दसवंड देना यानी अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दें।
  • कम करन विच दरीदार नहीं करना यानी काम में खूब मेहनत करें और कोताही न बरतें।
  • धन, जवानी, तै कुल जात दा अभिमान नै करना यानी अपनी जवानी, जाति और कुल धर्म को लेकर घमंडी होने से बचें।
  • गुरुबानी कंठ करनी: गुरुबानी को कंठस्थ करें।

गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। आनंदपुर साहिब में वैशाखी के अवसर पर एक धर्मसभा के दौरान उन्होंने पंच प्यारों को चुना। उनके ही निर्देश पर सिखों के लिए खालसा पंथ के प्रतीक के तौर पर 5 ककार यानी केश, कंघा, कृपाण, कच्छ और कड़ा अनिवार्य हुआ।

2001: अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ

जब तालिबान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को हैंडओवर करने से मना कर दिया तो अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान में अल-कायदा और तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया।

अफगानिस्तान युद्ध के दौरान गश्त करते अमेरिकी सैनिक। सैनिकों के बैकअप के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर भी तैनात था।
अफगानिस्तान युद्ध के दौरान गश्त करते अमेरिकी सैनिक। सैनिकों के बैकअप के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर भी तैनात था।

इसी के साथ अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक शुरू हुई और इस मिशन को नाम दिया गया- ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम। ये हमले ग्लोबल वॉर ऑन टेरर का हिस्सा थे।

1959: चांद के अंधेरे हिस्से की पहली झलक मिली

सोवियत स्पेसक्राफ्ट लूना 3 ने पहली बार चांद के दूर वाले हिस्से की तस्वीर 7 अक्टूबर 1959 को ली थी। इन तस्वीरों की मदद से ही एस्ट्रोनॉमर्स चांद के अंधेरे वाले हिस्से का एटलस बना सके थे।

चांद के अंधेरे हिस्से की यह पहली तस्वीर थी।
चांद के अंधेरे हिस्से की यह पहली तस्वीर थी।

यह तस्वीरें उन हिस्सों की हैं, जो पृथ्वी से नहीं दिखते। चांद का मूवमेंट कुछ इस तरह का है कि अलग-अलग समय में भी पृथ्वी से सिर्फ 59% हिस्सा ही दिखता है।

7 अक्टूबर के दिन को इतिहास में इन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से भी याद किया जाता है...

2009ः भारतवंशी वेंकटरमन रामाकृष्णन, याले प्रोफेसर थॉमस स्टेट्ज और इजराइली अदा योनाथ को रसायन का नोबेल देने की घोषणा हुई।

2008ः टाटा के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि नैनो प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने गुजरात में 1,100 एकड़ जमीन हासिल कर ली है।

2000ः जापान में मानव क्लोनिंग दंडनीय अपराध घोषित हुआ।

1992ः भारत में रैपिड एक्शन फोर्स की स्थापना की गई। इसका गठन सांप्रदायिक दंगों से सहानुभूति के साथ निपटने के लिए एक एक्सपर्टाइज फोर्स के तौर पर हुआ।

1987ः सिख राष्ट्रवादियों ने भारत से खालिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की।

1977ः तत्कालीन सोवियत रूस ने चौथे संविधान को शामिल किया।

1952ः चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाया गया।

1950: मदर टेरेसा को वेटिकन से कलकत्ता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना करने की इजाजत मिली।

1949ः पूर्वी जर्मनी, डेमोक्रेटिक सरकार के अस्तित्व में आने के साथ एक अलग देश बना।

1942ः अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।

1916ः सिडनी के तारोंगा शहर में एक चिड़ियाघर बनाया गया, जिसमें जानवरों के लिए कोई पिंजरा नहीं था।

1886ः स्पेन ने क्यूबा की गुलामी खत्म की।

1780ः अमेरिकी मिलिशिया ने ब्रिटिश सेना को किंग्स माउंटेन, दक्षिण कैरोलिना के पास हराया।

1714ः नीदरलैंड्स के अल्कमार में बीयर पर टैक्स लगने के कारण लोगों ने दंगा किया।

1586ः मुगल सेना ने कश्मीर में प्रवेश किया।

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