महबूबा का पाकिस्तान राग:पूर्व CM बोलीं- कितनी भी फौज ले आएं, जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान से बात तो करनी ही पड़ेगी

नई दिल्ली5 महीने पहले

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान का राग अलापा है। मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि घाटी में केंद्र सरकार भले ही कितनी भी फौज ले आएं, जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान से बात करनी ही पड़ेगी। पड़ोसी मुल्क से बातचीत के बिना कश्मीर मसले का हल संभव नहीं है।

महबूबा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर को बर्बाद कर रही है। मुस्लिम मेजॉरिटी स्टेट होने की वजह से केंद्र सरकार हमारा वजूद खत्म करना चाहती है। हमें हर तरफ से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

पाकिस्तान से की भारत की तुलना
महबूबा ने इशारों-इशारों में हाल में घटी सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तो मजहब के नाम पर लोगों को बंदूक थमा दी गई। उनका आज भी बुरा हाल है। लेकिन हमनें क्या किया। लोगों को हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर लड़ाया जा रहा है। हमनें भी धर्म के नाम पर लोगों को तलवारें बांट दीं।

लाउडस्पीकर पर कही ये बात
देश में मस्जिदों में लाउडस्पीक को लेकर चल रहे विवाद पर भी महबूबा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले हिजाब फिर लाउडस्पीकर आया। कुछ दिन बाद हलाल का मुद्दा उठा दिया जाएगा। कार्रवाई के नाम पर अल्पसंख्यकों के घर पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।

AFSPA पर निकाला गुस्सा
मुफ्ती ने आज तक से बातचीत में कहा कि आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) की वजह से घाटी के लोग परेशान हो गए हैं। सेंट्रल फोर्स को मिली स्पेशल पावर के बावजूद भी आतंकी घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रहा है। आम लोगों के अलावा सरपंच और राजनीतिक दलों के नेता आए दिन गोलियों के शिकार हो रहे हैं।

मुफ्ती ने कहा- घर में ही कमी
मुफ्ती ने आगे कहा कि मेरे मुताबिक हमारे घर में ही कमी है, कहीं ना कहीं हम ही फेल हो रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान से बातचीत के अलावा शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता। सरकार कितनी भी फौज लगा ले, पाकिस्तान से बात तो करनी ही पड़ेगी।