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केंद्र vs बंगाल सरकार:गृह मंत्रालय ने बंगाल के 3 IPS का तबादला किया, ममता बोलीं- असंवैधानिक फैसले के आगे घुटने नहीं टेकेंगे

कोलकाता6 महीने पहले
केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में तैनात 3 IPS अफसरों के डेपुटेशन के आदेश जारी किए जाने को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गलत बताया। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में तैनात 3 IPS अफसरों के डेपुटेशन के आदेश जारी किए जाने को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गलत बताया। (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में तैनात 3 IPS अफसरों का तबादला कर दिया है। यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) ने गुरुवार को उनके डेपुटेशन के आदेश जारी किए। केंद्र के इस कदम को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असंवैधानिक करार देते हुए इसे शक्तियों का गलत इस्तेमाल बताया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑफिसर भोलेनाथ पांडे को ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च और डेवलपमेंट, राजीव मिश्रा को इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और प्रवीण त्रिपाठी को सशस्त्र सीमा बल भेजा गया है। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार ने तीनों अफसरों को जल्द से जल्द रिलीव करने को कहा है।

ममता ने साधा निशाना
ममता ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राज्य की विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने 3 अफसरों की सेंट्रल प्रतिनियुक्ति के आदेश दिए हैं। यह पूरी तरह से शक्तियों का गलत इस्तेमाल होने के साथ-साथ IPS कैडर नियम 1954 के इमरजेंसी प्रोविजन का दुरूपयोग है।'

उन्होंने कहा कि केंद्र का यह कदम राज्य के अधिकार क्षेत्रों में दखल और पश्चिम बंगाल में तैनात अफसरों को डिमोरलाइज करने के लिए किया गया प्रयास है। यह फैसला खासकर चुनावों से पहले संघीय ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह असंवैधानिक और मंजूर करने लायक नहीं है।

उन्होंने लिखा, 'हम केंद्र द्वारा राज्य की मशीनरी को कंट्रोल करने की इस कोशिश मंजूर नहीं करेंगे। पश्चिम बंगाल विस्तारवादी और अलोकतांत्रिक ताकतों के सामने घुटने टेकने वाला नहीं है।'

जेपी नड्डा की सुरक्षा में खामी पर कार्रवाई
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर बंगाल में हुए हमले के बाद होम मिनिस्ट्री ने राज्य में तैनात तीन IPS अफसरों को डेपुटेशन पर वापस बुला लिया था। नड्डा की सुरक्षा के जिम्मेदारी इन्हीं अफसरों पर थी। इस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगात रॉय ने आपत्ति जताई थी।

उनका कहना था कि IAS/IPS अफसर संविधान के आर्टिकल 312 से शासित होते हैं। एक पद के लिए चुने जाने के बाद उन्हें स्टेट कैडर सौंपा जाता है। सेंट्रल गवर्नमेंट डेपुटेशन पर भेजे जाने वाले अधिकारियों के नाम मांग सकती है। यह स्टेट के ऊपर है कि वह उन्हें भेजे या नहीं।