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मी टू / एमजे अकबर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, कहा- झूठ के पैर नहीं होते, कानूनी कार्रवाई करूंगा



एमजे अकबर नाइजीरिया दौरे पर गए थे। एमजे अकबर नाइजीरिया दौरे पर गए थे।
एमजे अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। एमजे अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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एमजे अकबर नाइजीरिया दौरे पर गए थे।एमजे अकबर नाइजीरिया दौरे पर गए थे।
एमजे अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।एमजे अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
  • अकबर ने कहा- आरोप उकसावे का नतीजा, पूछा- क्या कोई एजेंडा है?
  • अकबर पर 10 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए
  • अमित शाह ने कहा था- एमजे अकबर पर लगे आरोपों की जांच की जाएगी 
  • पत्रकार विनोद दुआ पर भी महिला ने लगाए यौन शोषण के आरोप

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 08:26 PM IST

नई दिल्ली. मी टू कैम्पेन के तहत यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर रविवार सुबह नाइजीरिया यात्रा से लौट आए। दोपहर बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। अकबर ने कहा कि वह कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आम चुनाव से कुछ महीने पहले ही ऐसा क्यों किया जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई एजेंडा है। अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

 

वायरल फीवर की तरह फैल रहे हैं बेबुनियाद आरोप- अकबर

उन्होंने कहा कि कुछ हिस्सों में बिना सबूतों वाले आरोप वायरल फीवर की तरह फैल रहे हैं। ये झूठे और बेबुनियाद हैं। दुर्भावना के चलते आरोपों में तड़का लगाया जा रहा है। मैं आधिकारिक यात्रा पर बाहर गया था और इसीलिए आरोपों का जवाब नहीं दे पाया। इन आरोपों से मेरी छवि को ऐसा नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। 

 

पूल पार्टी का आरोप, लेकिन मुझे स्वीमिंग आती नहीं: केंद्रीय मंत्री ने कहा- आरोप लगाने वाली एक महिला ने कहा कि मैंने कभी उसे हाथ नहीं लगाया। दूसरी ने कहा कि उन्होंने वास्तव में कुछ नहीं किया। एक महिला ने कहा कि मैं स्वीमिंग पूल में पार्टी कर रहा था। मुझे ये भी नहीं पता कि तैराकी कैसे की जाती है। एक महिला ने दफ्तर में शोषण के आरोप लगाए। ये 21 साल पहले का मामला है, यानी मेरे राजनीति में शामिल होने से 16 साल पहले का, जब मैं मीडिया में था।

 

आरोप उकसावे में लगाए गए: उन्होंने कहा कि मैंने उस महिला के साथ केवल एशियन एज के दफ्तर में काम किया। तब एडिटोरियल टीम एक छोटे से हॉल में काम करती थी। जिस समय की बात हो रही है, मेरा एक बहुत छोटा क्यूबिकल था। प्लाइवुड और ग्लास से बना। 2 फीट की दूरी पर दूसरों के पास कुर्सियां और मेज थीं। ये बेहद अजीब है कि इतनी छोटी जगह में कुछ हो सकता है। इससे भी बड़ी बात कि नजदीक के लोगों को कुछ भी पता नहीं चला।

 

मेरे साथ काम करती रहीं महिलाएं: ये उकसावे में लगाए गए झूठे और बेबुनियाद आरोप हैं। जिस समय की घटना का जिक्र किया गया है, उसके बाद भी दोनों पत्रकार मेरे साथ काम करती रहीं। इससे साफ होता है कि उन्हें कोई आशंका या असहजता नहीं थी। इतने समय तक वे चुप क्यों रहे, इसका कारण स्पष्ट है। जैसा कि एक महिला ने खुद कहा कि मैंने कभी कुछ नहीं किया। 

 

ये सब आम चुनाव से पहले क्यों शुरू हुआ: अकबर ने कहा- कुछ हिस्सों में मेरे खिलाफ बिना साक्ष्यों के आरोप वायरल फीवर की तरह फैल रहे हैं। जो भी मामला हो, अब मैं लौट आया हूं; मेरे वकील इन बेबुनियाद आरोपों पर कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। ये तूफान आम चुनाव से कुछ महीने पहले क्यों शुरू हुआ? क्या इसके पीछे कोई एजेंडा है। आप जज हैं। इन बेबुनियाद आरोपों ने मेरी छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।

 

मैंने कुछ नहीं किया: केंद्रीय मंत्री ने कहा- झूठ के पैर नहीं होते, लेकिन इनमें ऐसा जहर हो सकता है जो पागलपन फैला सकता है। ये दुख पहुंचाने वाला है। मैं कानूनी कदम उठाऊंगा। अगर मैंने कुछ नहीं किया है, तो ये कहानी कहां से आ रही है। कोई कहानी है ही नहीं। एक ऐसी चीज के इर्द-गिर्द झूठे आरोपों, अफवाहों और अनुचित आक्षेपों का सागर बनाया जा रहा है, जो कभी हुई ही नहीं। मैंने कुछ नहीं किया। 

 

मोदी के मंत्री ने ही इस्तीफा मांगा

मोदी सरकार के मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि अगर आरोप साबित होने पर एमजे अकबर को इस्तीफा दे देना चाहिए। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस, माकपा और एआईएमआईएम भी अकबर से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं।

 

दिल्ली महिला आयोग ने शिकायत के लिए ई-मेल दिया

दिल्ली महिला आयोग ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक अलग ई-मेल की सुविधा दी है। आयोग ने कहा कि इस संबंध में कोई भी शिकायत metoodcw@gmail.com पर की जा सकती है। इसके अलावा 181 पर फोन करके भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। ऐसा करने से आरोपियों को सजा दिलाने का रास्ता मजबूत होगा। इससे पहले केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था केंद्र सरकार मी टू कैम्पेन के तहत सामने आ रहे मामलों की जनसुनवाई के लिए चार रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाएगी। 

 

दुआ पर भी आरोप, महिला ने कहा- मुझसे औकात पूछी थी

विनोद दुआ पर एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है। महिला ने फेसबुक पर पोस्ट किया- जून 1989 को मेरा जन्मदिन था। मैं इस दिन जॉब इंटरव्यू के लिए टीवी की मशहूर शख्सियत के पास गई थी। उन्होंने मेरी तरफ तिरस्कारभरी मुस्कुराहट के साथ देखा। मैं संभल भी नहीं पाई थी कि उन्होंने मुझे एक अभद्र जोक सुनाना शुरू कर दिया। मेरे चेहरे पर गुस्सा झलक रहा था। उन्होंने मुझे जॉब के बारे में बताया और तनख्वाह के बारे में मेरी राय पूछी। उस वक्त ज्यादातर ग्रैजुएट को 5000 रुपए दिए जाते थे, मैंने उनसे वही अमाउंट बताया। उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा- तुम्हारी औकात क्या है। मैं चौंक गई। ये मेरे लिए नया अनुभव था। मैं आंखों में आंसू लिए घर वापस आ गई। मैंने अपने दोस्तों और भाई को इस बारे में बताया।

 

'कार में मुझ से बदतमीजी की'

महिला ने आगे लिखा- जल्द ही मुझे एक संस्थान में वीडियो एडिटर का काम मिल गया। मुझे नहीं पता कि किस तरह से उस आदमी (दुआ) को इसका पता चला। मेरे दफ्तर में उसके दोस्त थे, जो उसे बताते थे कि मैंने कब देर तक दफ्तर में काम किया। एक दिन वह पार्किंग में आए। काली एसयूवी या जीप में, मुझे ठीक से याद नहीं है। मुझे लगा वह अपने बर्ताव के लिए माफी मांगने आए हैं। मैं गाड़ी में बैठ गई। मैं ठीक से बैठ भी नहीं पाई थी कि उन्होंने मेरे चेहरे को चूमना शुरू कर दिया। मैं किसी तरह बाहर निकली और इसके बाद मैं अपने दफ्तर की गाड़ी में बैठकर चली गई।

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