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लोगों को भाया देसी इलाज:सरकार ने कहा- काढ़ा हो या हल्दी दूध, देश के 86% लोग आयुष गाइडलाइन फॉलो कर रहे

6 महीने पहले

कोरोना के दौर में लोगों का फोकस इम्युनिटी मजबूत करने पर है। इस बीच, आयुष मंत्रालय ने कहा है कि देश में दो-तिहाई लोग आयुष गाइडलाइन्स को फॉलो कर रहे हैं। दिल्ली में एसोचेम के कार्यक्रम में मंत्रालय के सचिव विद्या राजेश कोटेचा ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा- काढ़ा हो या हल्दी-दूध या फिर होम्योपैथी, देश के करीब 86% लोग आयुष की कम से कम एक गाइडलाइन को फॉलो कर रहे हैं।

कोरोना महामारी फैलने के दौरान आयुष मंत्रालय ने मई में सेल्फ-केयर गाइडलाइन जारी कर, इम्युनिटी बढ़ाने और स्वस्थ रहने के तरीके सुझाए थे। कोटेचा ने कहा कि आयुष संजीवनी मोबाइल ऐप के जरिए मंत्रालय को 1.47 करोड़ लोगों का डेटा मिल चुका है। करीब एक-तिहाई लोगों ने कहा कि वे आयुष के तौर-तरीकों का इस्तेमाल नहीं करते। जबकि, दो-तिहाई लोगों ने बताया कि वे किसी न किसी तरह से आयुष गाइडलाइन्स को फॉलो करते हैं।

आयुष अपनाने वालों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं
ऐप के जरिए 15 हजार लोगों ने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी। कोटेचा ने कहा कि हमारी पड़ताल में सामने आया कि आयुष गाइडलाइन को फॉलो करने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण होने पर भी इसका गंभीर असर नहीं हुआ। ऐसे लोग या तो बिना लक्षणों वाले थे या फिर इनमें बेहद हल्के लक्षण थे। जो लोग आयुष के तौर-तरीके नहीं अपना रहे थे, उन्हें संक्रमण के दौरान बेहद मुश्किलों से गुजरना पड़ा।

आयुष मंत्रालय ने कराया आयुष एनालिसिस
आयुष मंत्रालय ने देशभर में 135 लोकेशन पर 104 से ज्यादा स्टडीज कराई हैं। इनमें से ज्यादातर पूरी हो चुकी हैं। कोटेचा ने कहा कि इनसे हमें कई नई जानकारियां मिली हैं। जल्द ही इन्हें जर्नल्स में प्रकाशित कराया जाएगा। कोटेचा ने बताया कि बड़े पैमाने पर कराई गई स्टडीज को आयुष एनालिसिस कहा गया है। हालांकि ये क्लीनिकल के बजाय सोशल स्टडीज थीं। इसी से हमें पता चला कि देश की आबादी का बड़ा हिस्सा आयुष के तौर-तरीकों को अपना रहा है।

आयुष मंत्रालय ने क्या सलाह दी थी?

  • मंत्रालय ने दिनभर गर्म पानी पीने, हर दिन कम से कम 30 मिनट योग अभ्यास, प्राणायाम करने और ध्यान लगाने की सलाह दी थी। एडवाइजरी के मुताबिक, भोजन पकाने के दौरान हल्दी, जीरा और धनिया जैसे मसालों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करने के लिए सुबह 10 ग्राम यानी एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं। मधुमेह रोगी बिना शक्कर वाला च्यवनप्राश ले सकते हैं। सुबह और शाम दोनों नथुने में तिल या नारियल का तेल या घी लगाने जैसे आयुर्वेदिक उपाय भी सुझाए थे।
  • एडवाइजरी में ने दिन में एक या दो बार हर्बल चाय पीने या तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक और किशमिश का काढ़ा पीने को कहा गया था। 150 मिलीलीटर गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर ले सकते हैं।
  • सूखी खांसी या गले में सूजन से आराम पाने के लिए दिन में एक बार पुदीने की ताजा पत्ती या अजवाइन के साथ भांप लें। खांसी या गले में खराश के लिए दिन में दो-तीन बार शहद के साथ लौंग का पाउडर ले सकते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इन उपायों से सामान्य सूखी खांसी या गले में सूजन कम होती है। अगर लक्षण फिर भी बने रहते हैं तो डॉक्टरी सलाह लेना बेहतर है।