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कैबिनेट विस्तार से पहले नया मंत्रालय:मोदी सरकार ने मिनिस्ट्री ऑफ को-ऑपरेशन बनाई, यह सहकार से समृद्धि के विजन पर काम करेगी

नई दिल्ली4 महीने पहले
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यह मंत्रालय देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग से प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा। - Dainik Bhaskar
यह मंत्रालय देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग से प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को होने वाले अपने कैबिनेट विस्तार से पहले एक नया मंत्रालय मिनिस्ट्री ऑफ को-ऑपरेशन बनाया है। मोदी सरकार इस मंत्रालय के जरिए अपने 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करेगी। यह मंत्रालय देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग से प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा।

सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करना है। सरकार इस मंत्रालय के जरिए सहकारी समितियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम करेगी। सूत्रों ने कहा कि अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा को भी पूरा करता है।

मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए 'व्यापार सुगमता' यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा। साथ ही मल्‍टी-स्‍टेट को-ऑपरेटिव्‍ज (MSCS) के विकास को बेहतर करने के लिए काम करेगा। केंद्र सरकार ने कम्‍यूनिटी आधारित डेवलपमेंटल पार्टनरशिप अपनी गहरी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है। सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय का गठन भी वित्त मंत्री की ओर से की गई बजट घोषणा को पूरा करता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग में मंत्रियों का शपथ ग्रहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जुलाई यानी बुधवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार करेंगे। लगभग हर बड़ा काम शुभ मुहूर्त पर करने वाली मोदी सरकार ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाने का भी मुहूर्त तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्री शाम 5:30 से 6:30 बजे के बीच शपथ लेंगे। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसमें किया गया कोई भी काम सफल होता है।

25 से ज्यादा दलित, आदिवासी, OBC वर्ग के नेताओं को मौका
सरकार के सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कैबिनेट के लिए 25 से ज्यादा दलित, आदिवासी, OBC वर्ग के और पिछड़े क्षेत्रों के जमीनी नेताओ को चुना है। काफी संशोधन और सोच विचार के बाद नए मंत्रियों के नाम तय हुए हैं। मोदी सरकार के लिए ये विस्तार अभी बेहद जरूरी है। संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो रहा है और नए मंत्रियों को अपने मंत्रालयों में घुलने-मिलने के लिए वक्त चाहिए होगा।

मंगलवार को 8 राज्यपालों की हुई नियुक्ति
केंद्र सरकार में बुधवार को होने वाले कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक साथ 8 राज्यपालों की नियुक्ति की है। इससे पहले अगस्त 2018 में 7 राज्यों में एक साथ राज्यपाल बदले गए थे।

8 में से 4 का ट्रांसफर, 4 नए गवर्नर

1. मंगूभाई छगनभाई पटेल: मध्य प्रदेश के राज्यपाल होंगे।

2. थावर चंद गहलोत: केंद्रीय मंत्री थे, अब कर्नाटक के राज्यपाल होंगे।

3. रमेश बैस: त्रिपुरा के गवर्नर थे, अब झारखंड के गवर्नर होंगे।

4. बंडारू दत्तात्रेय: हिमाचल के गवर्नर थे, अब हरियाणा के राज्यपाल होंगे।

5. सत्यदेव नारायण आर्य: हरियाणा के राज्यपाल थे, अब त्रिपुरा के गवर्नर होंगे।

6. राजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे।

7. पीएएस श्रीधरन पिल्लई: मिजोरम के राज्यपाल थे, अब गोवा के गवर्नर होंगे।

8. हरिबाबू कम्भमपति: मिजोरम के राज्यपाल होंगे।

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