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2019 / अंतरिम बजट में मिडिल क्लास से लेकर किसानों तक के लिए बड़े ऐलान हुए थे



Budget 2019 | Modi Government Budget Comparison Interim Budget 2019 And Modi Sarkar Previous Tenure Budgets
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Budget 2019 | Modi Government Budget Comparison Interim Budget 2019 And Modi Sarkar Previous Tenure Budgets

  • 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर पूरी टैक्स रिबेट की घोषणा की थी
  • किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6000 रुपए देने का प्रावधान किया था
     

Dainik Bhaskar

Jul 05, 2019, 08:31 AM IST

नई दिल्ली. फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने किसानों से लेकर मिडिल क्लास तक को साधने की कोशिश की। लोकसभा चुनाव से पहले टैक्स में रिबेट और किसानों को सालाना आय समेत अहम घोषणाएं की गईं। मोदी सरकार के अंतरिम बजट और पिछले 5 पूर्ण बजटों के ऐलानों पर एक नजर डालते हैं। 

 

अंतरिम बजट में सरकार की 5 बड़ी घोषणाएं

  • 5 एकड़ की खेती योग्य जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए देने का प्रावधान। इसके लिए किसान सम्मान निधि नाम से योजना शुरू की गई। पशु पालन-मत्स्य पालन करने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से लिए गए कर्ज पर ब्याज में 2% की छूट की घोषणा की। इसके अलावा, आपदा के स्थिति में एनडीआरएफ की तैनाती होने पर किसानों को फसल ऋण पर 2% और समय पर कर्ज लौटाने वाले पर ब्याज में 3% की छूट का प्रावधान।
  • 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स में पूरी रिबेट। स्टैंडर्ड डिडक्शन 40,000 हजार रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया गया।
  • बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर ब्याज से आय पर टीडीएस में छूट 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 40 हजार रुपए कर दी गई। किराए से आमदनी पर टीडीएस में छूट 1.80 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपए कर दी गई। 2 करोड़ रुपए तक के कैपिटल गेन पर निवेश की सीमा एक घर से बढ़ाकर दो घर की गई। 
  • अगर आपके पास दो घर हैं तो दूसरे घर के नोशनल रेंट पर लगने वाला टैक्स खत्म किया। नोशनल रेंट यानी सरकार यह मानती थी कि दूसरे घर से आपको किराए के रूप में आमदनी हो रही है। ऐसे घर पर सरकारी दरों के अनुसार किराया कैलकुलेट कर उस पर टैक्स लगता था।
  • असंगठित क्षेत्रों के कर्मियों को 60 साल के बाद हर महीने 3 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी। हर महीने 100 रुपए का योगदान देना होगा। 21 हजार रुपए महीना कमाने वालों को 7000 रुपए का बोनस मिलेगा। पहले 10 हजार रुपए महीना कमाने वालों को 3500 रुपए का बोनस मिलता था। ईपीएफओ किसी श्रमिक की मौत होने पर परिजनों को 2.5 लाख रुपए की जगह 6 लाख रुपए देगा।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पेश हुए 5 बजटों की बड़ी घोषणाएं

 

बजट 2014 : आयकर छूट की सीमा 50 हजार रुपए बढ़ी
इनकम टैक्स छूट की सीमा 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए की थी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की। 80 सी के तहत बचत की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए की। इसके साथ ही होम लोन पर टैक्स छूट की सीमा भी 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी।

 

बजट 2015 : हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन बढ़ाया
इन सबके अलावा एनपीएस में निवेश करने पर अतिरिक्त 50 हजार रुपए पर टैक्स छूट दी। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेश से मिलने वाले ब्याज को टैक्स फ्री किया। इसके साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया।

 

बजट 2016 : 5 लाख की आमदनी पर टैक्स छूट 3 हजार बढ़ाई
अपने पहले पूर्ण बजट में मोदी सरकार ने 5 लाख रुपए की आमदनी पर टैक्स छूट को 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया। एचआरए (मकान किराया भत्ता) पर टैक्स छूट 24 हजार रुपए से बढ़ाकर 60 हजार रुपए की। 50 लाख रुपए तक का घर खरीदने पर भी 50 हजार रुपए तक की छूट दी। 

 

बजट 2017 : 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर टैक्स दर घटाई
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया लेकिन 2.50 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स दर 10% से घटाकर 5% की। 50 लाख से 1 करोड़ रुपए की कमाई पर 10% सरचार्ज लगाया। 3 लाख रुपए से ज्यादा के नकद लेन-देन पर रोक लगाई। 

 

बजट 2018 : 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन
इनकम टैक्स पर लगने वाले सेस को 3% से बढ़ाकर 4% किया गया। वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया गया। इस बजट में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानी आयुष्मान भारत योजना की घोषणा की गई, जिसके तहत गरीब परिवार के लोग 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। 1 लाख रुपए से ज्यादा के निवेश पर 10% कैपिटल गेन टैक्स लगाया।

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