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350 वीआईपी समेत अधिकारियों की सुरक्षा घटाई, 1300 से ज्यादा कमांडो मुक्त

3 वर्ष पहले
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-फाइल - Dainik Bhaskar
-फाइल
  • खुफिया एजेंसियों ने समीक्षा की, इसके बाद सुरक्षा बलों को हटाने का फैसला हुआ
  • केंद्रीय सुरक्षा बलों को हटाने के बाद राज्य की पुलिस उनकी सुरक्षा में तैनात होगी
  • दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल विशेष मामलों में सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में होगा

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कुछ सांसदों की सुरक्षा घटाने का निर्णय लिया है। इसके बाद 1300 से अधिक कमांडो इस ड्यूटी से मुक्त हुए। दरअसल, गृह मंत्रालय ने इसी सप्ताह 350 वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसके बाद सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एनएसजी और दिल्ली पुलिस के कमांडो को इस कार्य से मुक्त कर दिया गया। 

 

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 3000 जवान केंद्रीय अधिकारियों की सुरक्षा में बने रहेंगे। जिनकी वीआईपी सुरक्षा वापस ली गई है, उन्हें राज्य की पुलिस सुरक्षा देगी। विशेष मामलों जैसे दिल्ली में सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस इस काम को करेगी।

  

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली समीक्षा

अधिकारी के अनुसार- सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों ने समीक्षा रिपोर्ट तैयार की। इसमें सुरक्षा प्राप्त लोगों पर संभावित खतरों का आंकलन किया गया। अगली समीक्षा के बाद ही सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाएगी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली बार सुरक्षा पर समीक्षा हुई।

 

इन नेताओं की सुरक्षा हटी

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जेड प्लस श्रेणी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूडी, पूर्व भाजपा सांसद कीर्ति आजाद और शत्रुघ्न सिन्हा, नवनियुक्त हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की दो पोतियां और एक पोते, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बेटी और नाती से जेड श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है।