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नियुक्ति / कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को सरकार ने मुख्य आर्थिक सलाहकार चुना, 3 साल का होगा कार्यकाल



Modi Govt Appoints Krishnamurthy Subramanian as new CEA for 3 Years
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Modi Govt Appoints Krishnamurthy Subramanian as new CEA for 3 Years

  • इस साल जुलाई से खाली था पद, अरविंद सुब्रमण्यन ने इस्तीफा दिया था
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद में एसोसिएट प्रोफेसर हैं कृष्णमूर्ति 
  • बैंकिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस एक्सपर्ट के तौर पर दुनियाभर में उनकी पहचान
  • साल 2015 में इकोनॉमिक सर्वे के दौरान अरविंद सुब्रमण्यन की मदद की थी

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 05:08 PM IST

नई दिल्ली. डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को सरकार ने मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) बनाया है। उनकी नियुक्ति 3 साल के लिए होगी। सुब्रमण्यन इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इस जुलाई में अरविंद सुब्रमण्यन के इस्तीफे के बाद सीईए का पद खाली था।

 

 

इकोनॉमिक पॉलिसी के एक्सपर्ट हैं कृष्णमूर्ति

कृष्णमूर्ति शिकागो यूनिवर्सिटी से फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स में पीएचडी और टॉप रैंकिंग वाले आईआईटी-आईआईएम एलुमिनाई हैं। आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन कृष्णमूर्ति के संयुक्त पीएचडी गाइड थे। बैंकिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस और इकोनॉमिक पॉलिसी विशेषज्ञ के तौर पर कृष्णमूर्ति की दुनियाभर में पहचान है।

 

कृष्णमूर्ति सेबी की कॉरपोरेट गवर्नेंस समितियों और आरबीआई के गवर्नेंस ऑफ बैंक्स में एक्सपर्ट के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। वो अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट पॉलिसी पर सेबी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं। वो बंधन बैंक के बोर्ड में भी शामिल हैं।

 

अरविंद सुब्रमण्यन ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दिया था
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने इस साल जुलाई में निजी वजह बताते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका कार्यकाल मई 2019 तक था। वो 16 अक्टूबर 2014 को मुख्य आर्थिक सलाहकार बने थे। उन्होंने पिछले हफ्ते नोटबंदी पर पहली बार बोलते हुए कहा था कि वह फैसला बेहद सख्त था। नोटबंदी की वजह से आर्थिक विकास दर धीमी हुई थी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि नोटबंदी के फैसले में उनसे राय ली गई थी या नहीं।

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