पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Monsoon: Broken 54 Years Rain Record In North Bihar

उत्तर बिहार में बारिश का 54 साल का रिकॉर्ड टूटा, कोसी बराज के 56 में 26 फाटक खोले, 36 घंटे का अलर्ट

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • जुलाई में एक दिन में 125 मिमी बारिश, नदियां उफनाईं
  • कोसी का जलस्तर 2 लाख क्यूसेक के पार, कई गांवों पर खतरा

मुजफ्फरपुर/मधुबनी/सुपौल/कटिहार. नेपाल के तराई क्षेत्राें और उत्तर बिहार के कई जिलों में जारी बारिश से कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और काेसी नदियां उफान पर हैं। कमला के जलस्तर में भारी वृद्धि से मधुबनी के जयनगर में स्थिति भयावह हाे गई है। यहां कमला का तटबंध टूट गया। इसके कारण जयनगर बाजार की 90 प्रतिशत दुकानों में बाढ़ का पानी भर गया है। आधे शहर को प्रशासन ने खाली करा लिया है।

 

आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोग भी बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, लालबकेया व बागमती नदी के पश्चिमी तटबंध पर कई जगहों पर पानी का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। उधर, कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। इसके कारण देर रात वीरपुर बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए।


दूसरी ओर, बागमती कटाैंझा में आधा मीटर की वृद्धि के साथ लाल निशान से 2.67 मीटर ऊपर बह रही है। इस कारण औराई व कटरा प्रखंड में दहशत है। कटरा प्रखंड के एक दर्जन गांवाें में पानी घुस जाने से लाेग पलायन कर रहे हैं। कमला बलान और भूतही नदी भी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में 1.89 लाख क्यूसेक पानी छाेड़े जाने से गंडक नदी के जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि हुई है।

 

आठ की डूबने से मौत

सुपौल : कोसी नदी का जलस्तर इस साल के सर्वाधिक स्तर पर है। निर्मली में पांच हजार परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। करीब 40 हजार लोग प्रभावित हैं। मुरलीगंज में डूबने से 3 की मौत।

अररिया : परमान, बकरा, नूना, भलुआ नदियां खतरे के निशान से ऊपर है। सिकटी और कुर्साकांटा का संपर्क टूट गया है। दो दिनों में डूबने से पांच की मौत हो गई है।

पूर्णिया-कटिहार: परमान, कनकई, महानंदा में बाढ़ से अमौर और बायसी के 20 हजार लोग घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर गए। कटिहार में सैकड़ों एकड़ जमीन गंगा में विलीन।


कई जगहों पर पटरियां धंसीं, ट्रेन सेवा ठप
54 साल बाद जुलाई में एक दिन में सर्वाधिक बारिश हाेने से उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में स्थिति गंभीर हा़े गई है। बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक ऊफान पर है। बागमती का जलस्तर लाल निशान को पार कर गया है। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-रक्साैल, मुजफ्फरपुर-सुगाैली रेलखंड पर पटरी धंसने से ट्रेनाें का परिचालन बाधित है।

 

 

किशनगंज : डायवर्सन धंसने से चार प्रखंडों से संपर्क भंग
ब्लॉक चौक के पास बने डायवर्सन पर शनिवार की सुबह पानी का तेज दबाव बनने और इसके धंसने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इसपर आवागमन बंद करा दिया। इससे जिला मुख्यालय का बहादुरगंज सहित चार प्रखंडों से सड़क संपर्क भंग हो गया है। एसएसबी के जवान डायवर्सन को बचाने में जुटे हैं।

 

दरभंगा : शहर की सुरक्षा के लिए बनी दीवार में दरारें 
किलाघाट स्थित वार्ड 30 व 24 के बीच शहर सुरक्षा दीवार व बांध में कई जगह पर दरारें पड़ गई हैं। इस कारण शहर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाएगा। इससे निचले इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

सुपौल: 5 हजार घर जलमग्न

कोसी नदी का जलस्तर इस साल के सर्वाधिक स्तर पर है। बढ़ते जलस्तर ने जुलाई माह के पिछले 12 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। नेपाल में भारी बारिश से कोसी का डिस्चार्ज शनिवार को 3.18 लाख क्यूसेक को पार कर गया है। बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं ताकि पानी को आसानी से निकाला जा सके। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से निर्मली, सरायगढ़, किसनपुर और सुपौल के तटबंध के भीतर के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। केवल निर्मली अनुमंडल के पांच हजार घरों में पानी घुस गया है जबकि 40 हजार लोग प्रभावित हैं।

 

सुरक्षा बांध टूटने से कई गांवों में फैला पानी
रेल महासेतु के पास गाइड बांध से सटाकर श्रमदान से बनाए गए 600 मीटर लंबे सुरक्षा बांध के शुक्रवार की देर रात टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया है। बसुआ के पास ग्रामीण टोला संपर्क पथ के पानी की तेज वेग में ध्वस्त हो जाने से दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है।

 

नेपाल सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट

नेपाल में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देख वहां की सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। नेपाल के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से इंजीनियरों की भी बेचैनी बढ़ गई है। शुक्रवार शाम 4 बजे कोसी बराज पर 2 लाख 7 हजार 290 क्यूसेक पानी बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया। एहतियात के तौर पर बराज के 56 फाटकों में से 26 फाटकों को खोल दिया गया है। गुरुवार की शाम 6 बजे से ही जलस्तर का बढ़ना जारी रहा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर आप कुछ समय से स्थान परिवर्तन की योजना बना रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी से संबंधित कार्य करने से पहले उस पर दोबारा विचार विमर्श कर लें। आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। संतान की तरफ से भी को...

और पढ़ें