मानसून / 1994 के बाद भारत में रिकॉर्ड बारिश, भोपाल में रिकॉर्ड 1756.6 मिमी पानी गिरा

भोपाल में हुई बारिश के बाद का दृश्य। -फाइल फोटो भोपाल में हुई बारिश के बाद का दृश्य। -फाइल फोटो
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भोपाल में हुई बारिश के बाद का दृश्य। -फाइल फोटोभोपाल में हुई बारिश के बाद का दृश्य। -फाइल फोटो

  • जुलाई में 33% ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी, अगस्त में भी सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज की गई
  • इस वर्ष मध्यप्रदेश में सामान्य से 43% अधिक औसत बारिश हुई, 13 साल पहले सामान्य से 41% ज्यादा औसत वर्षा हुई

दैनिक भास्कर

Sep 30, 2019, 10:30 PM IST

नई दिल्ली. मौसम विभाग ने बताया कि देश में इस बार रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। यह 1994 के बाद हुई अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। विभाग के अनुसार, आधिकारिक तौर पर मानसून का सीजन सोमवार को खत्म हो चुका है। हालांकि, अभी भी देश के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो यह सबसे लंबी अवधि तक जारी रहने वाला मानसून कहलाएगा।

 

मौसम विभाग के 36 सब-डिवीजनों में से दो पश्चिमी मध्यप्रदेश के साथ सौराष्ट्र और कच्छ स्थित विभागों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई। दक्षिण पश्चिम मानसून ने इस वर्ष भोपाल में बारिश का 1756.5 मिलीमीटर का नया ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाया है। मौसम विज्ञान भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक पी.के. साहा ने बताया कि इससे पूर्व 2006 में मानसून सीजन (जून से सितंबर तक) 1686.4 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड था, जो इस वर्ष 18 सितंबर को टूट गया था।

 

प्रदेश की औसत वर्षा का भी रिकार्ड टूटा: मौसम वैज्ञानिक

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा का भी रिकार्ड टूटा है। इस वर्ष प्रदेश में सामान्य से 43% अधिक औसत बारिश हुई है। जबकि 13 साल पहले 2006 में सामान्य से 41% ज्यादा औसत वर्षा हुई थी।

 

गांधीसागर बांध से 10300 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया

इसी प्रकार मंदसौर जिले में चंबल नदी पर बने गांधीसागर बांध से इस वर्ष अब तक कुल 10,300 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा जा चुका है और अब भी बांध से पानी की निकासी की जा रही है। इससे करीब 46 साल पहले वर्ष 1973 में गांधीसागर से कुल करीब 11 हजार मिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा गया था।

 

अब बारिश की गणना मानसून सीजन के बाद की कहलाएगी

इस साल गांधीसागर में बांध के पूर्ण जलाव भराव क्षमता 1312 फीट से 7 फीट अधिक 1319 फीट तक जलस्तर हो गया था, जो बांध निर्माण के बाद पहली बार हुआ। इससे कई गांव डूब में आ गए थे। प्रदेश में अब भी बारिश का सिलसिला जारी है लेकिन अब इसकी गणना मानसून सीजन के बाद की कहलाएगी।

 

अगले 48 घंटों के दौरान भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी

मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि सोमवार को भी प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हुई है, जिसमें सिवनी में 65 मिमी, मंडला 38 मिमी, जबलपुर 16 मिमी तथा कुछ अन्य स्थानों पर छुटपुट वर्षा हुई है। भोपाल में 0.5 मिमी वर्षा हुई।

 

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, आगर मालवा, राजगढ़, उज्जैन, गुना, धार और श्योपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है।

 

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