पृथ्वी के 49,402 किमी करीब आया चांद, 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला दिखा

4 वर्ष पहले
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  • मंगलवार रात का चांद इस वर्ष पृथ्वी केे सबसे नजदीक 3,56,846 किमी था
  • इसी वर्ष चांद पृथ्वी से सबसे दूर 4,06,248 किमी 14 सितंबर को नजर आएगा

जोधपुर/ दिल्ली.  चंदा मामा दूर के... कविता मंगलवार रात के लिए उलटी हो गई, क्योंकि चंदा मामा पृथ्वी के 49402 किमी नजदीक आ गए। खगोलीय भाषा में इसे सुपर स्नो मून कहा जाता है। इसे अमेरिका में हंगर मून भी बोला जाता है। इस खगोलीय घटना के दौरान चांद इस साल पृथ्वी के सबसे करीब (356846 किमी) आ गया, जिससे चांद रोज के मुकाबले 14% ज्यादा बड़ा दिखा। चमक भी रोजाना से करीब 30% ज्यादा रही। चंद्रमा की धरती से दूरी 3 लाख 84 हजार किमी है।

 

नासा के मुताबिक, बुधवार को फुल मून सुबह 10:54 बजे था, हालांकि यह दिन के वक्त होने के कारण नजर नहीं आया। जोधपुर, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता समेत भारत के कई हिस्सों में इसे रात 9:24 बजे नंगी आंखों से भी देखा गया।

 

इसलिए कहते हैं सुपर स्नो मून 

  • अमेरिकी और यूरोपीय लोगों ने सबसे पहले सुपर स्नो मून शब्द का इस्तेमाल किया था। दरअसल इसे फरवरी में यहां पड़ने वाली बर्फ से जोड़ा गया। यानी फरवरी के महीने में जब भी फुल मून दिखता है, तो इसे सुपर स्नो मून कहा जाता है। 
  • दरअसल, इन सर्दियों में अमेरिका-यूरोप में खाद्य पदार्थों की उपलब्धता कम होती है। इसलिए इसे सुपर हंगर मून भी कहा जाने लगा।


20 मार्च को दिखेगा सुपर मून

  • अगला सुपर मून इसी 20 मार्च को दिखेगा। इस दौरान यह पृथ्वी से 360772 किमी दूर होगा। हालांकि, यह तब भी 19 फरवरी को दिखे सुपर स्नो मून से 3926 किमी दूर होगा। इससे पहले इसी जनवरी में सुपर ब्लड मून दिखा था। इसमें चांद अपनी कलाएं बदलते हुए एक समय रक्तिम लाल हो गया था।
  • नासा के मुताबिक, अगला सुपरमून 7 साल बाद यानी 2026 में दिखाई देगा। इससे पहले ऐसी स्थिति 14 नवंबर 2016 को बनी थी। 

 

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