दिल्ली / स्मार्ट टावर शहर की मैपिंग करेगा; बताएगा अतिक्रमण तो नहीं हुआ, ड्रेनेज सिस्टम कैसा है



स्मार्ट टॉवर। स्मार्ट टॉवर।
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स्मार्ट टॉवर।स्मार्ट टॉवर।

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस में देश में बने स्मार्ट टावर का लाइव डेमो दिया गया
  • इसे बेंगलुरु की कंपनी कोग्नो ने बनाया, इसकी मदद से टैक्स चुराने वालों का डेटा भी मिलेगा 

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2019, 12:10 PM IST

नई दिल्ली (अमित मिश्रा). इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दूसरे दिन मंगलवार को 15 से ज्यादा देशों ने 120 से ज्यादा इनोवेशन पेश किए। इनमें स्मार्ट सिटीज को एक ही जगह से नियंत्रित करने वाला देश में बना स्मार्ट टावर और 5जी की स्पीड का लाइव डेमो प्रमुख रहा। बेंगलुरु की कंपनी कोग्नो ने ऐसा टावर तैयार किया है, जो पूरे शहर को मैप कर सकता है और बता सकता है कि शहर में ड्रेनेज सिस्टम कैसा है, सड़कों का क्या हाल है, वेस्ट डिस्पोजल ठीक से हो रहा है या नहीं, हरियाली कितनी है, कहीं अतिक्रमण तो नहीं किया गया।

 

इनमें लोगों का डेटा भी शामिल होगा कि किसने टैक्स नहीं चुकाया है, किसने सड़क पर गाड़ी पार्क कर रखी है या कौन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। ऐसे में सरकार के लिए शहर पर नजर रखना और ठीक से मेंटेन करना आसान होगा। इस टावर पर कैमरा, स्क्रीन, सोलर पैनल, वाई-फाई, ड्रोन लैंडिंग और चार्जिंग पॉइंट, ई-व्हीकल चार्जिंग पॉइंट समेत कई तकनीकों को सेट किया जा सकता है।

 

8 शहरों में टावर्स को इंस्टॉल किया

टावर पर ही आप ड्रोन का डेटा भी कलेक्ट कर सकेंगे। नासिक, हैदराबाद समेत 8 शहरों में इन टावर्स को पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंस्टॉल किया गया है। यह कॉन्सेप्ट बिल्कुल मोबाइल फोन जैसा है। एक बार फोन लेने के बाद आप उसमें कितने भी एप डाउनलोड कर सकते हैं। हर एप के लिए आपको नया फोन नहीं खरीदना होता। ऐसे ही टावर्स भी प्लेटफॉर्म की तरह काम करते हैं।

 

पहली बार 5जी की स्पीड प्रदर्शित की गई

मोबाइल कांग्रेस में पहली बार 5जी की स्पीड प्रदर्शित की गई। डेमो के दौरान नेटवर्क पर स्पीड 1.91 जीबीपीएस की रही। यानी इतनी स्पीड में 1 जीबी की फाइल डाइनलोड करने में 1 सेकेंड से भी कम वक्त लगेगा। डेमो एरिक्सन और क्वॉलकॉम ने किया। 

 

बच्चे के सोने की क्वॉलिटी को भी ट्रैक करता स्मार्ट पालना

छोटे बच्चे को सुलाना और रातभर बांहों में लेकर झुलाना माता-पिता के लिए थकान भरा होता है। स्मार्ट पालना न सिर्फ बच्चे के आंख खोलते ही अलर्ट कर देता है, बल्कि फौरन पालने को हिलाना भी शुरू कर देता है। यह बच्चे के सोने की क्वॉलिटी को भी ट्रैक करता है और बताता है कि बच्चा कितनी देर तक रात में गहरी नींद सोता है। पालने की फ्रीक्वेंसी माता-पिता अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं। इसके अलावा पालने में लगा स्पीकर बच्चे के लिए म्यूजिक चला देता है। इसमें माता-पिता अपनी आवाज में भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसकी कीमत करीब 25 हजार रुपए है।

 

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