लद्दाख के माइनस डिग्री टेम्प्रेचर में ट्रैकिंग करने पहुंचा था शख्स, ग्रुप के साथ लौटते वक्त हुआ ऐसा हादसा, बर्फीली नदी में जा गिरा और मुश्किल में पड़ गई जान / लद्दाख के माइनस डिग्री टेम्प्रेचर में ट्रैकिंग करने पहुंचा था शख्स, ग्रुप के साथ लौटते वक्त हुआ ऐसा हादसा, बर्फीली नदी में जा गिरा और मुश्किल में पड़ गई जान

एयरफोर्स के जवानों ने ऐसे बचाई जिंदगी, सोशल मीडिया पर शेयर की कहानी

dainikbhaskar.com

Jan 13, 2019, 08:25 PM IST
Mumbai Engineer Slips Into Icy River In Ladakh and Saved By Air Force

लद्दाख. जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में एक शख्स मौत के मुंह में जाते-जाते बचा। मुंबई के रहने वाला इस शख्स का पैर नदी के पानी के पर जमीं बर्फ पर पड़ा। बर्फ टूट गई और वो बर्फीली नदी में गिर गया। खुशकिस्मती की बात ये रही कि उसी वक्त वहां से इंडियन एयरफोर्स की टीम गुजर रही थी, जिसने इस शख्स की जान बचाई। अगर ये टीम न होती तो रिमोट एरिया में मदद मिलना और शख्स की जान बचना मुश्किल हो जाती। इंडियन एयरफोर्स द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो में शख्स ने खुद अपने रेस्क्यू की जानकारी दी और टीम का शुक्रिया किया।

मुश्किल में फंस गई जान

- मुंबई के रहने वाले इस शख्स की पहचान सागर के तौर पर हुई है, जो इंजीनियर हैं। घटना तब हुई जब सागर अपने ग्रुप के साथ चादर ट्रैक से लौट रहा था।
- सागर ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह पानी के ऊपर बर्फ के पैच (जमी बर्फ) थे। हालांकि, इन्हें देखने पर समझ नहीं आ रहा था कि ये पूरी तरह से जमे हैं या नहीं।
- उन्होंने बताया कि उनके आगे-पीछे करीब 4 से 5 लोग थे। वो सब जब ये रास्ता क्रॉस ही कर रहे थे, तो सागर एक जगह रुक गए और वहीं बर्फ टूटकर पानी में चली गई।
- सागर ने बताया कि उनके पैर के नीचे के जमीन खिसकने जैसा हादसा था और इसके बाद वो बर्फ के साथ ही बर्फीली जांस्कर नदी के पानी में चले गए।

खुशकिस्मती से बची जन
- सागर ने बताया कि खुशकिस्मती की बात ये रही उसी बीच इंडियन एयरफोर्स की ट्रैकिंग टीम गुजर रही थी। इसमें विंग कमांडर विक्रांत उन्याल के साथ 7 मेंबर्स थे।
- टीम ने तुरंत मौके की गंभीरता को देखते हुए रस्सियां और सेफ्टी इक्विपमेंट्स निकाले। इसके बाद टीम ने मिलकर इस बर्फीली नदी से सागर को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।
- अगर इंडियान एयरफोर्स की टीम मौके पर मौजूद न होती, तो उसे इलाके में आस-पास से मदद मिलने की कोई गुंजाइश नहीं थी। ऐसे में इंजीनियर की जान बचना मुश्किल हो जाता।
- लद्दाख के चादर ट्रैक पर लोग आमतौर सर्दियों के मौसम में ही ट्रैकिंग के लिए जाते हैं। टूरिस्ट लेह रीजन की जांस्कर नदी को क्रॉस करते हैं, जो इस वक्त माइनस डिग्री टेम्प्रेचर में जम चुकी होती है।

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