नगालैंड में हिंसा:सुरक्षाबलों की फायरिंग में 13 लोगों की मौत, घटना के बाद भड़की हिंसा में एक जवान समेत दो की जान गई

कोहिमा2 महीने पहले

भारत-म्यांमार सीमा पर नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों की फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई। बाद में स्थानीय लोगों की भीड़ के हमले में असम राइफल्स के एक सैनिक की भी मौत हो गई। रविवार को पूरा दिन तनाव बना रहने के बाद देर शाम मोन टाउन में फिर से स्थानीय लोगों की भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप को घेर लिया है। भीड़ ने कैंप के कुछ हिस्से में आग लगा दी है।

मोन टाउन में असम राइफल्स के कैंप पर हमला बोलती भीड़।
मोन टाउन में असम राइफल्स के कैंप पर हमला बोलती भीड़।

NDTV की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस सूत्रों ने यहां भी सुरक्षाबलों की तरफ से बचाव के लिए की गई फायरिंग में एक व्यक्ति के मरने की पुष्टि की है। मोन टाउन में कर्फ्यू लगा दिया गया है और सोमवार तक के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। साथ ही आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है।

असम राइफल्स के कैंप में लगी आग के कारण उठता धुआं।
असम राइफल्स के कैंप में लगी आग के कारण उठता धुआं।

इससे पहले असम राइफल्स के अधिकारियों ने बताया कि उग्रवादी संगठन NSCN से जुड़े उग्रवादियों के गुजरने की सूचना मिली थी। इसके चलते सुरक्षाबलों ने शनिवार को ओटिंग गांव के पास मोर्चा जमा रखा था। इसी दौरान टिरू-ओटिंग रोड पर एक ट्रक आया। ट्रक के नहीं रुकने पर उसमें उग्रवादी होने की आशंका के चलते सिक्योरिटी फोर्सेज ने फायरिंग की, जिसमें 6 लोगों की मौके पर और 2 लोगों की बाद में अस्पताल में मौत हो गई।

शनिवार रात की इस घटना के बाद आसपास के गांवों के लोगों ने सुरक्षाबलों को घेर लिया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। असम राइफल्स का एक सैनिक गंभीर घायल हो गया, जिसकी मौत हो गई। सुरक्षा बलों की फायरिंग में 5 लोगों की भी मौत हो गई। असम राइफल्स के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों को यहां लोगों से जान बचाने के लिए सेल्फ डिफेंस में फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान सुरक्षा बलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनके तीन वाहन भी उत्तेजित भीड़ ने जला दिए हैं। इस घटना को लेकर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।

BJP नेता के साथी की मौत
नगालैंड में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष न्यावांग कोन्याकी ने सेना पर फायरिंग का आरोप लगाया है। मोन जिले के BJP नेता ने कहा कि शनिवार को वे कहीं जा रहे थे, इस दौरान सेना ने उन पर फायरिंग की। इसमें उनके साथी की मौत हो गई।

ग्रामीणों को विद्रोही समझ लिया
रिपोर्ट के मुताबिक एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई के लिए सुरक्षा बल तिरु-ओटिंग रोड पर घात लगाकर तैनात थे। उसी दौरान उन्होंने गलती से ग्रामीणों को विद्रोही समझ लिया। दरअसल, इनपुट में जिस रंग की गाड़ी के बारे में बताया गया था, उसी रंग की गाड़ी वहां से गुजरी। जवानों ने गाड़ी को रोकने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं रुकी। इसके बाद सिक्योरिटी फोर्सेज ने फायरिंग शुरू कर दी। फोटो में देखिए मारे गए लोगों के शव.. (तस्वीरें विचलित कर सकती हैं)

गुस्साए ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी
बताया जा रहा है कि सभी पीड़ित मजदूर थे, जो काम के बाद एक पिकअप में सवार होकर अपने घर जा रहे थे। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया और तब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। गुस्साए ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों की गाड़ियों को आग लगा दिया। गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने में जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

CM नीफियू बोले- हाई-लेवल SIT जांच होगी
नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो ने कहा कि मोन के ओटिंग में नागरिकों की हत्या की घटना बेहद निंदनीय है। इसकी हाई-लेवल SIT जांच कराई जाएगी। सभी को कानून के हिसाब से न्याय मिलेगा। उन्होंने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

अमित शाह बोले- दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, 'नगालैंड के ओटिंग में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जाहिर करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। राज्य सरकार इसकी हाई-लेवल SIT जांच कराएगी, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।'