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स्टार्टअप को 25 करोड़ तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी, टर्नओवर की लिमिट 100 करोड़ होगी

4 वर्ष पहले
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  • पहले 10 करोड़ रु तक के निवेश पर टैक्स छूट थी, 25 करोड़ थी टर्नओवर लिमिट 
  • स्टार्टअप के फायदे अब 10 साल तक मिलेंगे, पहले 7 साल थी समय सीमा
  • देशभर में 14600 स्टार्टअप, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2587 स्टार्पअप  

नई दिल्ली. सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों को बड़ी राहत दी है। इन्हें अब 25 करोड़ रुपए तक का निवेश मिलने से जो आय होगी उस पर टैक्स (एंजेल टैक्स) नहीं देना पड़ेगा। पहले यह लिमिट 10 करोड़ रुपए थी। सरकार की ओर से मंगलवार को यह जानकारी दी गई।स्टार्पअप को 30% की दर से एंजेल टैक्स देना पड़ता है।

 

Considerations of shares received by eligible Startups for shares issued or proposed to be issued by all investors shall be exempt up to an aggregate limit of Rs 25 crore. #AngelTax #Startup

— Suresh Prabhu (@sureshpprabhu) February 19, 2019

 

1) रजिस्ट्रेशन की तारीख से 10 साल तक स्टार्टअप का दर्जा रहेगा

स्टार्टअप के दायरे में रहने की समयसीमा भी बढ़ाई गई है। रजिस्ट्रेशन की तारीख से 10 साल तक कंपनी को स्टार्पअप माना जाएगा। पहले 7 साल की सीमा थी।

ऐसी लिस्टेड कंपनियां जिनकी नेटवर्थ 100 करोड़ रुपए या टर्नओवर 250 करोड़ रुपए है वो किसी स्टार्ट-अप में निवेश करेंगी तो 25 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश भी आयकर के दायरे में नहीं आएगा।

सरकार ने टर्नओवर की लिमिट भी बढ़ा दी है। सालाना 100 करोड़ रुपए के टर्नओवर तक स्टार्टअप का दर्जा बना रहेगा। पहले 25 करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना टर्नओवर होने पर कंपनियां स्टार्टअप के दायरे से बाहर हो जाती थीं।

सरकार ने पिछले साल जनवरी में उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान लॉन्च किया था। इसका लक्ष्य स्टार्टअप को टैक्स में छूट और इंस्पेक्टर-राज मुक्त व्यवस्था देना है।

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने देशभर में 14,600 स्टार्टअप की पहचान की थी। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2,587 स्टार्टअप हैं।

क्या है स्टार्टअप ?
ऐसी यूनिट जो इनोवेशन, डेवलपमेंट, नए प्रोडक्ट के कॉमर्शियलाइजेशन, टेक्नोलॉजी या बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) सी जुड़ी सर्विस पर काम करना चाहती है वो स्टार्पअप के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवा सकती है।

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