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कोरोना से लड़ाई में बड़ी उपलब्धि:देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 50 करोड़ के पार, पिछले 10 करोड़ डोज सिर्फ 20 दिन में लगे

नई दिल्ली4 महीने पहले

भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 50 करोड़ के पार हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सभी को बधाई और स्वास्थ्यकर्मियों का धन्यवाद।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश को वैक्सीनेशन में 10 करोड़ का आंकड़ा छूने में 85 दिन लगे थे। इसके बाद 20 करोड़ का आंकड़ा पार करने में 45 दिन, 30 करोड़ तक पहुंचने में 29 दिन, 40 करोड़ तक पहुंचने में 24 दिन और 50 करोड़ का आंकड़ा पार करने में 20 दिन और लगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मील के पत्थर के बाद हम वैक्सीनेशन की गति को जारी रखेंगे और सभी नागरिकों का टीकाकरण जल्द से जल्द पूरा करेंगे।

शुक्रवार को 43.29 लाख से ज्यादा टीके लगे
सरकार के मुताबिक, शुक्रवार शाम 7 बजे तक 50.03 करोड़ डोज लगाए गए हैं। शुक्रवार को ही 43.29 लाख से ज्यादा टीके लगाए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 18-44 साल उम्र के 17.23 करोड़ लोग पहला और 1.12 करोड़ दूसरा डोज लगवा चुके हैं। 5 राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में इस उम्र के लोगों को एक करोड़ से ज्यादा डोज लगाए गए हैं।

देश में इसी साल 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। 21 जून से इसकी कमान केंद्र ने पूरी तरह अपने हाथ में ले ली। इसके बाद से केंद्र सरकार वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से 75% टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त दे रही है। 25% सप्लाई प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए रखी गई है।

हेल्थ केयर वर्कर्स दूरदराज के इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं। यह फोटो जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले की है। यहां हेल्थकेयर वर्कर्स जंगल पार करके गांव के लोगों को टीका लगाने पहुंचीं।
हेल्थ केयर वर्कर्स दूरदराज के इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं। यह फोटो जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले की है। यहां हेल्थकेयर वर्कर्स जंगल पार करके गांव के लोगों को टीका लगाने पहुंचीं।

वैक्सीनेशन के मामले में टॉप 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश हैं। उत्तर प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है जहां 5 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए गए हैं। देश में अब तक 3.18 करोड़ लोग संक्रमित हुए हैं। हालांकि, एक्टिव केस सिर्फ 4.07 लाख ही हैं। 3.10 करोड़ से ज्यादा लोग रिकवर हो चुके हैं। संक्रमण से 4.26 लाख मौतें हुई हैं।

इस तरह चला वैक्सीनेशन

  • 16 जनवरी से सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स के वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई।
  • फ्रंटलाइन वर्कर्स को 2 फरवरी से वैक्सीन लगना शुरू हुआ था।
  • 1 मार्च से शुरू हुए अगले फेज में 60 साल से ज्यादा, 45+ उम्र और गंभीर बीमारी वाले लोगों को टीका लगाया गया।
  • 1 अप्रैल से 45 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू किया गया।
  • 1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को टीका लगाने की इजाजत दी गई।
वैक्सीनेशन के लिए लोग खुद से सेंटर पर पहुंच रहे हैं। नवी मुंबई के NMMC मीनाताई ठाकरे अस्पताल में मेड, होटल कर्मचारियों, ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को टीका लगाया गया। इस दौरान अपनी बारी का इंतजार करते लोग।
वैक्सीनेशन के लिए लोग खुद से सेंटर पर पहुंच रहे हैं। नवी मुंबई के NMMC मीनाताई ठाकरे अस्पताल में मेड, होटल कर्मचारियों, ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को टीका लगाया गया। इस दौरान अपनी बारी का इंतजार करते लोग।

कोवीशील्ड-कोवैक्सिन हर महीने 4.3 करोड़ डोज का प्रोडक्शन बढ़ाएंगे
देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार इस महीने से और तेज हो जाएगी। केंद्र सरकार ने इसकी जानकारी दी है। केंद्र ने बताया कि देश में वैक्सीन बनाने वाली दो बड़ी कंपनियां सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बायोटेक हर महीने कोवीशील्ड और कोवैक्सिन के 4.3 करोड़ से ज्यादा डोज का प्रोडक्शन करेंगी। ऐसे में देश के लोगों को इसका सीधा फायदा होगा।

SII ने बताया कि वह कोवीशील्ड का प्रोडक्शन अब हर महीने 11 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ डोज करने जा रही है। वहीं भारत बायोटेक भी कोवैक्सिन का प्रोडक्शन 2.5 करोड़ से 5.8 करेगी।

ऐसे मिलेंगे 136 करोड़ डोज

  • साल के आखिर तक देश में कोरोना की 136 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से यह जानकारी सांसदों को दी गई है। PMO की ओर से जारी एक नोट में कहा गया है कि अगस्त में कोवैक्सिन का प्रोडक्शन 2.65 करोड़, कोवीशील्ड का 23 करोड़ और महीने में कुल 25.65 करोड़ खुराक का उत्पादन होगा।
  • सितंबर में कोवैक्सिन का प्रोडक्शन 3.15 करोड़ और कोवीशील्ड का 23 करोड़ होगा। जो कुल मिलाकर 26.15 करोड़ खुराक होंगी। अक्टूबर में कुल 28.25 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा, जिसमें से कोवैक्सिन 5.25 करोड़ और कोवीशील्ड की 23 करोड़ डोज होंगी।
  • नवंबर में 28.25 करोड़ डोज उपलब्ध होंगी, जिनमें 5.25 करोड़ कोवैक्सिन और 23 करोड़ कोवीशील्ड की होंगी। वहीं दिसंबर में कोवैक्सिन का अनुमानित उत्पादन 5.25 करोड़ और कोवीशील्ड का 23 करोड़ खुराक का होगा, कुल मिलाकर महीने में 28.5 करोड़ डोज मिलेंगे।
  • अगस्त से दिसंबर 2021 के लिए केंद्र द्वारा दिए गए एक अग्रिम आदेश के मुताबिक, कोवीशील्ड वैक्सीन की 75% खुराक 215.25 रुपए प्रति खुराक पर कुल 8,071.87 करोड़ रुपए से खरीदी जाएंगी। इस तरह देश में अगले कुछ महीनों में कोरोना वैक्सीन के 136 करोड़ डोज उपलब्ध होंगे।

दोनों कंपनियों ने 51.24 करोड़ डोज सप्लाई किए
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को लोकसभा में लिखित तौर पर बताया कि 16 जनवरी से 5 अगस्त तक सीरम इंस्टीट्यूट ने कोवीशील्ड के 44.42 करोड़ डोज सप्लाई किए हैं। वहीं भारत बायोटेक ने इस दौरान कोवैक्सिन के 6.82 करोड़ डोज सप्लाई किए हैं। यानी दोनों कंपनियों ने इस अवधि में 51.24 करोड़ डोज सप्लाई किए हैं।

देश में कोविड-19 टीकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए पवार ने कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने टीकों की फास्ट ट्रैक मंजूरी के लिए कई कदम उठाए हैं। क्लिनिकल ट्रायल और वैक्सीन के अप्रूवल के लिए फास्ट ट्रैक प्रोसेसिंग सिस्टम बनाया गया है।

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