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गुजरात के नए मुख्यमंत्री:दादा के नाम से लोकप्रिय भूपेंद्र पटेल लो प्रोफाइल रहते हैं, पाटीदार समाज में पकड़ और RSS से नजदीकी ने दिलाई कुर्सी

अहमदाबाद11 दिन पहले

गुजरात के नए मुख्यमंत्री के लिए भाजपा ने रविवार को भूपेंद्र भाई पटेल के नाम पर मुहर लगा दी। CM के तौर पर उनका नाम सबके लिए चौंकाने वाला रहा। इसकी वजह यह है कि पटेल हमेशा लो प्रोफाइल रहते हैं, लेकिन पाटीदार समाज में उनकी अच्छी पैठ है। इसी खूबी ने उन्हें इस रेस में सबसे आगे निकाल दिया। वहीं, RSS से लंबे वक्त का जुड़ाव और पार्टी कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क में रहना भी उनके पक्ष में गया। वे मोदी-शाह की गुड बुक में शामिल माने जाते हैं।

भूपेंद्र पटेल अपने क्षेत्र में लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहते हैं।
भूपेंद्र पटेल अपने क्षेत्र में लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहते हैं।

15 जुलाई 1962 को जन्मे भूपेंद्र पटेल ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। वह कडवा पाटीदार समाज के नेता हैं। साथ ही राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकीं और अभी UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं। भूपेंद्र पटेल को उनके निर्वाचन क्षेत्र में कार्यकर्ता 'दादा' कहकर पुकारते हैं।

CM बनने की खबर परिवार को मीडिया से पता चली
भूपेंद्र पटेल की बहू देवांशी पटेल ने ससुर के मुख्यमंत्री चुने जाने पर कहा कि आज का दिन हमारे लिए दिवाली की तरह है। इसकी कभी उम्मीद नहीं थी। यह हमारे परिवार के लिए सरप्राइज की तरह है। हमें भी इसकी जानकारी खबरें देखकर हुई।

नगर पालिका अध्यक्ष से मुख्यमंत्री तक का सफर

  • भूपेंद्र भाई 1999 से 2000 और 2004 से 2005 तक मेमनगर नगरपालिका के चेयरमैन रहे।
  • वे 2010 से 2015 तक अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन रहे।
  • 2015-17 के दौरान अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (ओडा) के चेयरमैन रहे।
  • 2017 में पहली बार घाटलोडिया सीट से विधायक बने। उन्होंने 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।

2017 में पहली बार विधायक बने
भूपेंद्र पटेल ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अहमदाबाद जिले की घाटलोडिया सीट से रिकॉर्ड 1.17 लाख वोट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 1.75 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के शशिकांत पटेल को 57,902 वोट मिल पाए थे। पहली बार विधायक बने पटेल को अब पार्टी ने राज्य की कमान सौंप दी।

आनंदीबेन के कहने पर विधायक का टिकट मिला था
आनंदीबेन पटेल ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। इसके बाद उनके कहने पर ही घाटलोडिया सीट से पटेल को टिकट दिया गया था। 2017 में विधानसभा चुनाव के समय दायर हलफनामे के अनुसार, उनके पास 5.20 करोड़ रुपए की संपत्ति है। पटेल के पास एक I-20 कार और एक एक्टिवा टू-व्हीलर भी है।

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