शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम के लिए सम्मान:NGO ‘प्रथम’ को इंदिरा गांधी पुरस्कार, कमजोर तबकों के बच्चों तक पहुंचाई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

9 महीने पहले
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समाजसेवी संस्था 'प्रथम' को साल 2021 के 'इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार' के लिए चुना गया है। भारत और दुनिया भर में कमजोर तबकों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए ये पुरस्कार दिया जा रहा है। इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने इसकी जानकारी दी।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा कि पुरस्कार विजेता को भारत के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता में एक अंतर्राष्ट्रीय जूरी ने चुना है। 2021 का पुरस्कार 'प्रथम' को 25 सालों से ज्यादा समय तक शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम करने के लिए दिया जा रहा है। NGO ने प्रत्येक बच्चे की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने की कोशिश की।

शिक्षा के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
बयान में कहा गया कि, प्रथम ने शिक्षा प्रदान करने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। शिक्षा की गुणवत्ता का नियमित मूल्यांकन किया। प्रथम ने कोविड-19 के समय स्कूल बंद होने के दौरान भी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित की। इन्हीं सब वजहों से प्रथम को इस अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इस पुरस्कार के अंतर्गत 25 लाख रुपए नकद और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है।

NGO ने समर्थकों और जूरी को धन्यवाद दिया
NGO ने इस अवॉर्ड के लिए अपने समर्थकों और जूरी को धन्यवाद दिया। NGO ने कहा, 'प्रथम टीम हमारे काम को मान्यता देने के लिए जूरी और दुनिया भर में हमारे सभी समर्थकों को धन्यवाद देना चाहती है।' डॉ. माधव चव्हाण और फरीदा लांबे ने 1995 में इस NGO की स्थापनी की थी। NGO ने मुंबई स्लम्स से अपना काम शुरू किया था। यहां उन्होंने समुदाय-आधारित बालवाड़ियों या प्री-स्कूलों की स्थापना की थी।