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एनआईए की बड़ी कार्रवाई:जम्मू-कश्मीर में जमात के 56 से ज्यादा ठिकानों पर एनआईए के छापे, दिल्ली की अदालत के आदेश पर एनआईए ने की छापेमारी

श्रीनगर6 महीने पहले
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आतंकियों के पाक से धन लेने के मामले में और सबूत जुटा रही है राष्ट्रीय एजेंसी - Dainik Bhaskar
आतंकियों के पाक से धन लेने के मामले में और सबूत जुटा रही है राष्ट्रीय एजेंसी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के कई स्थानों पर छापेमारी की। यह छापे आतंकी फंडिंग मामले में मारे गए। जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के सदस्याें से जुड़े 56 ठिकानों पर एनआईए ने एक साथ कार्रवाई की। संगठन के सदस्य गुल मोहम्मद वार के आवास पर भी छापेमारी की गई। इससे पहले एनआईए ने 10 जुलाई को भी इसी मामले में जम्मू-कश्मीर से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। जमात-ए-इस्लामी पर दाे साल साल पहले केंद्र ने प्रतिबंध लगा दिया था।

एनआईए की टीमों ने रविवार को कश्मीर के दस और जम्मे के चार जिलाें में दबिश दी। दिल्ली की एक अदालत ने कथित हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के लिए पाकिस्तान से धन लेने के मामले में और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

दिल्ली की अदालत के विशेष न्यायाधीश परवीन सिंह ने इस बाबत आदेश जारी किया था। इसमें कहा था कि आतंकी संगठन ने एक मुखौटा संस्था ‘जम्मू कश्मीर प्रभावित राहत ट्रस्ट’ (जेकेएआरटी) बनाई। इसका छिपा हुआ उद्देश्य आतंकी गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद पहुंचाना था। यह संस्था मुख्य रूप से आतंकियों और उनके परिवारों के लिए धन उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी।

आरोप- कश्मीर में बनाई जेकेएआरटी नाम से फर्जी संस्था
हिज्बुल-मुजाहिदीन के चार कथित आंतकियों के खिलाफ सबूत मिले थे कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से पैसे लिए थे। दिल्ली की एक कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इन चारों कथित आतंकियों पर क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और यूआपा के तहत कई चार्ज लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा था कि हिज्बुल-मुजाहिदीन ने जम्मू-कश्मीर अफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट (जेकेएआरटी) नाम से फर्जी ऑर्गेनाइजेशन बनाया था। इसका असली मकसद आतंकी गतिविधियों को फंडिंग करना था। केंद्र सरकार इस संस्था को पहले ही टेरर फंडिंग एक्ट के तहत प्रतिबंधित कर चुकी है।

एनआईए का खुलासा- असगर का मलिक से था संपर्क, एनएसए डोभाल के घर की थी रेकी
2019 के पुलवामा हमले में एनआईए की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट में बताया गया है कि कैसे हमले के बाद भी पाकिस्तान आतंकी संगठनों को मदद कर रहा था। और कैसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और जांच से बचने के लिए नया आतंकी समूह लश्कर ए मुस्तफा बनाया गया, का खुलासा हुआ है। एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के भाई रऊफ असगर के कॉल रिकॉर्ड (सीडीआर) को हासिल किया है।

इससे पता चला है कि वह हिदायतुल्ला मलिक के संपर्क में था। जिसे 2021 में गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट मुताबिक मलिक गिरफ्तारी से पहले राष्ट्रीय राजधानी और एनएसए अजीत डोभाल के आवास की रेकी भी करने गया था, ताकि उन्हें निशाना बनाया जा सके। पाकिस्तानी गुर्गों के साथ मलिक के नियमित संपर्क को एनआईए द्वारा एक्सेस किया गया है।

श्रीनगर, घाटी व जम्मू के कई इलाकों में दी दबिश
श्रीनगर में नौगाम के गाजी मोइन उल इस्लाम, हरवान के बशीर अहमद लोन, लाल बाजार में फहीम रमजान, बेमीना में गुलाम मोहम्मद भट्‌ट, अनंतनाग में मुश्ताक अहमद वानी, नजीर अहमद रैना, फारूक अहमद खान, आफताक अहमद मीर, अहमदुल्ला पारी के ठिकानों पर दबिश दी। गांधरबल, बांदीपोरा, शोपिया, कुलगाम, बारामुला, रामबन, डोडा, किश्तवाड़ व जम्मू के राजौरी में भी छापे मारे।

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