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निर्भया के इंसाफ का जश्न / दुष्कर्मियों के फांसी पर लटकते ही तिहाड़ के बाहर ‘निर्भया अमर रहे’ के नारे लगे

जेल के बाहर दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिरंगा फहराते लोग। जेल के बाहर दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिरंगा फहराते लोग।
तिहाड़ जेल के बाहर नारे लगाते लोग। तिहाड़ जेल के बाहर नारे लगाते लोग।
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जेल के बाहर दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिरंगा फहराते लोग।जेल के बाहर दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिरंगा फहराते लोग।
तिहाड़ जेल के बाहर नारे लगाते लोग।तिहाड़ जेल के बाहर नारे लगाते लोग।

  • दुष्कर्मियों को फांसी दिए जाने के पहले से कुछ घंटे पहले ही 100 से ज्यादा लोग जेल नंबर 3 के बाहर जमा हो गए थे
  • यहीं चारों दोषी मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को शुक्रवार सुबह 5.30 पर फांसी दी गई

दैनिक भास्कर

Mar 20, 2020, 02:06 PM IST

नई दिल्ली. निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने के बाद 100 से ज्यादा लोगों के समूह ने तिहाड़ जेल के बाहर तिरंगा फहरा दिया। लोगों ने ‘निर्भया अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए और मिठाई बांटी। लोग दुष्कर्मियों को फांसी दिए जाने के कुछ घंटे पहले ही जमा हुए थे। फांसी दिए जाने से पहले तिहाड़ जेल नंबर 3 के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। यहीं चारों दोषी मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को शुक्रवार सुबह 5.30 फांसी दी गई। यह पहली बार है जब तिहाड़ जेल में एक साथ चार दोषियों को फांसी दी गई। तिहाड़ दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल है। यहां 16 हजार से ज्यादा कैदी हैं।

फांसी दिए जाने के बाद लोगों ने आपस में मिठाई बांटी।

लोग बोले- आज न्याय हो गया

  • जेल के बाहर सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी थीं। उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार न्याय हो गया, लेकिन देश की दूसरी बेटियों को इसका इंतजार है। यह कानूनी प्रक्रिया की जीत है।’’
  • पीड़ित परिवार से जुड़े आकाशदीप ने कहा, ‘‘मैं 7 साल चली कानूनी प्रक्रिया गवाह हूं। यह बहुत मुश्किल लड़ाई थी, हालांकि आज न्याय हो गया।’’ 
  • जश्न के दौरान दिव्या धवन ने कहा, ‘‘यह निर्णय बहुत अच्छा है, बेहतर होता अगर जल्दी हो जाता।’’ 
  • पश्चिमी दिल्ली में रहने वाली सना बोलीं, ‘‘दोषियों को फांसी देने के बाद भी समाज में कुछ नहीं बदलेगा, लेकिन हम खुश हैं कि चारों दोषियों को फांसी मिली और निर्भया को न्याय।’’ 
गुनहगारों को फांसी के बाद तिहाड़ के बाहर लोगों ने फहराया तिरंगा।

रात 2.30 बजे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अपील
निर्भया के गुनहगार फांसी से बचने के लिए रोज नए-नए पैंतरे का इस्तेमाल कर रहे थे। तीन डेथ वॉरंट खत्म हो गए। फांसी दिए जाने के कुछ घंटे पहले तक दोषियों के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इस पर रात गुरुवार रात 2.30 बजे सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामला खारिज कर दिया। इसके बाद फांसी दिए जाने का रास्ता साफ हो गया था। 

तिहाड़ जेल नंबर 3 बाहर मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी। 

16 दिसंबर 2012: 6 दोषियों ने निर्भया से दरिंदगी की थी
दिल्ली में 23 साल की पैरामेडिकल इंटर्न छात्रा से 16 दिसंबर 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। इसे दुनिया ने निर्भया नाम दिया। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों...राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है।

कोरोनावायरस के बचाव के लिए मास्क पहने सुरक्षा में तैनात जवान।

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