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सुप्रीम कोर्ट / केंद्र की याचिका पर निर्भया के दोषियों को नोटिस, दोषी विनय शर्मा ने दया याचिका खारिज होने को चुनौती दी

Nirbhaya Rapists Death Warrant | Nirbhaya Rapists Death Warrant New Dates Tihar Jail SC Updates On Delhi Gang Rape And Murder Case
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Nirbhaya Rapists Death Warrant | Nirbhaya Rapists Death Warrant New Dates Tihar Jail SC Updates On Delhi Gang Rape And Murder Case

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों की फांसी से स्टे हटाने की केंद्र की याचिका खारिज कर दी थी
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नया डेथ वॉरंट जारी कराने के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की इजाजत दी

दैनिक भास्कर

Feb 11, 2020, 07:05 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका पर निर्भया दुष्कर्म के चारों दोषियों को नोटिस जारी करने जवाब मांगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों की फांसी से स्टे हटाने की केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस बीच निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

केंद्र ने इस याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी दिए जाने की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि सबको एक साथ ही फांसी होगी। केंद्र की ओर से 7 फरवरी को एडिशनल सॉलीसिटर जनरल केएम नटराजन ने शीर्ष अदालत से जल्द सुनवाई की गुजारिश की, जिसे मंजूर कर लिया गया।

नए डेथ वॉरंट के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की इजाजत

3 जजों की बेंच ने प्रशासन को फांसी के लिए नई तारीख जारी करने के लिए ट्रायल कोर्ट जाने की इजाजत दे दी। बेंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा- आपके मुताबिक तीन दोषियों की दया याचिका खारिज हो चुकी है। एक दोषी ने दया याचिका दाखिल नहीं की है। ऐसे में आप नया डेथ वॉरंट जारी कराने की याचिका क्यों नहीं दाखिल करते? आप किसी दोषी को दया याचिका लगाने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

दोषी विनय ने फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की

अदालत के सवाल पर मेहता ने कहा- दोषियों को फांसी की मांग मजे के लिए नहीं की जा रही है। प्रशासन केवल कानूनी प्रावधान पर अमल कर रहा है। इस बीच, निर्भया के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। उसने अपने वकील एपी सिंह के मार्फत फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग भी की।

ऊंची अदालत में मामला डेथ वॉरंट जारी करने में बाधक नहीं

बेंच में शामिल जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र और दिल्ली सरकार की अपील लंबित रहने का ट्रायल कोर्ट के दोषियों की फांसी की नई तारीख तय करने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- चारों दोषियों को एक साथ फांसी हो

दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 फरवरी को कहा था कि निर्भया के चारों दुष्कर्मियों को अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि दोषी को 7 दिन में अपने सभी कानूनी विकल्प पूरे करने होंगे। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। केंद्र और तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस फैसले के लिए खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

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