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सवाल / माल्या ने 40 साल तक लोन चुकाया, उसे विल्फुल डिफॉल्टर कैसे कह सकते हैं: गडकरी

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2018, 06:03 PM IST


Nitin Gadkari Said Statement over Vijay Mallya Can't call someone fraud for a rare default
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Nitin Gadkari Said Statement over Vijay Mallya Can't call someone fraud for a rare default
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  • केंद्रीय मंत्री ने मुंबई में एक कार्यक्रम में बैंकिंग सिस्टम पर सवाल उठाए
  • गडकरी बोले- वित्तीय संकट में फंसे हर व्यक्ति को फ्रॉड कहना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं
  • उन्होंने कहा- माल्या ने महाराष्ट्र सरकार से लिए लोन पर 40 साल तक ब्याज दिया था
  • आरबीआई की स्वायत्ता का मतलब यह नहीं कि वह 100% फैसले खुद ले

मुंबई. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को विल्फुल डिफॉल्टर कहने पर सवाल उठाए हैं। एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हर कारोबार में जोखिम होता है। चाहे बैंकिंग हो या इंश्योरेंस, हर बिजनेस में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। लेकिन, गलतियां प्रामाणिक हों तो उन्हें माफ कर दूसरा मौका दिया जाना चाहिए। 

 

एविएशन में नुकसान की वजह से माल्या कर्ज नहीं चुका पाया: गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा कि काफी समय पहले महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कंपनी सिकॉम के जरिए विजय माल्या को कर्ज दिया था। उसने 40 साल तक ब्याज चुकाया। एविएशन कारोबार में आने के बाद माल्या को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वह लोन नहीं चुका सका। 

 

गडकरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति जिसने 40 साल तक कर्ज का भुगतान किया वो कुछ दिक्कतों की वजह से बाद में पैसे नहीं चुका पाया तो क्या उसे विल्फुल डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है ? 

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीरव मोदी या विजय माल्या ने धोखाधड़ी की है तो उन्हें जेल भेजना चाहिए। लेकिन, हम वित्तीय संकट में फंसे हर व्यक्ति पर फ्रॉड होने का लेबल लगाएं तो अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ पाएगी। 

 

वित्तीय संकट में फंसी कंपनियों को सीधे आईसीयू में नहीं डालना चाहिए 

गडकरी ने कहा कि हमारा बैंकिंग सिस्टम मुश्किल में फंसी कंपनियों को सपोर्ट नहीं करता। जब कोई गंभीर हालत में होता है तो उसे आईसीयू में भर्ती किया जाता है। लेकिन, हमारी बैंकिंग व्यवस्था ऐसी है जो दिक्कत वाली कंपनियों को सीधे आईसीयू में डाल देती है। फिर यह तय कर दिया जाता है कि वह कंपनी खत्म हो चुकी है।

 

सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करे आरबीआई: गडकरी
आरबीआई के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि सरकार ने एक संस्था के तौर पर उसे खत्म नहीं किया है। हम उसकी स्वायत्तता का स्वीकार करते हैं। वह सरकार का हिस्सा है इसलिए, उसे भी सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करना चाहिए। 

 

गडकरी ने कहा कि आरबीआई को पूरी तरह स्वायत्तता चाहिए तो उसे अर्थव्यवस्था की हालत के लिए जिम्मेदार होना चाहिए, वित्त मंत्रालय के लिए नहीं। अर्थव्यवस्था में कुछ गलत होने पर आप हमें जिम्मेदार ठहराते हैं और जब हम फैसले लेते हैं तो कहा जाता है कि आरबीआई की स्वायत्तता को खतरे में डाल रहे हैं। गडकरी ने कहा कि आरबीआई एक स्वायत्त संस्था है लेकिन, क्या इसका मतलब यह है कि वह पॉलिसी से जुड़े 100% फैसले खुद लेगा।

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