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नीतीश से मिले PK, ट्वीट की दिनकर की कविता:खुद को कर्ण दिखाया, सांप का जिक्र कर सियासी गलियारे में चर्चा छेड़ी

पटना/नई दिल्ली4 महीने पहले

मिशन 2024 की तैयारी में जुटे नीतीश कुमार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच पटना में 13 सितंबर को मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब ढाई घंटे तक चली मीटिंग का एजेंडा अब तक सीक्रेट है। प्रशांत नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी रह चुके हैं।

नीतीश और PK के बीच मुलाकात के बाद दिल्ली से लेकर पटना तक दोनों के साथ आने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी। हालांकि, 2 दिन बाद यानी गुरुवार को प्रशांत से सवाल होने शुरू हुए। इन पर PK ने जवाब दिया- मेरा प्रोग्राम तो पहले से ही तय है।

यानी PK अभी पूरे बिहार की यात्रा पर ही फोकस करेंगे, जो 2025 विधानसभा चुनाव के लिए की जा रही है। इसके बाद PK राजनीतिक पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं।

PK का नया ट्वीट बना चर्चा की वजह
PK ने गुरुवार को एक ट्वीट किया। यह रामधारी सिंह दिनकर की कविता थी। इसमें महाभारत में कर्ण और अश्वसेन के बीच का संवाद था। अब इस ट्वीट के मायने निकाले जा रहे हैं।

पहले ट्वीट पढ़िए…

ट्वीट किया, 'तेरी सहायता से जय तो मैं अनायास पा जाऊंगा। आनेवाली मानवता को, लेकिन, क्या मुख दिखलाऊंगा?'

प्रशांत किशोर ने ट्वीट गुरुवार सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर किया है।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट गुरुवार सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर किया है।

कविता के मायने क्या हैं…
कविता महाभारत में अर्जुन और कर्ण के युद्ध पर आधारित है। सर्प अश्वसेन कर्ण के तरकश में है और कहता है कि केवल मुझे धनुष पर चढ़ाकर छोड़ दो। वह सांपों के राजा है। कर्ण से कहता है कि मैं अर्जुन की हत्या कर दूंगा। इस पर कर्ण कहते हैं कि तुम्हारी सहायता से मैं जीत तो जाऊंगा, लेकिन आगे मानवता को क्या मुंह दिखाऊंगा।

कविता के बाद सवाल.. सांप कौन?
2024 में लोकसभा चुनाव हैं और 2025 में विधानसभा चुनाव। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रशांत ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ जाने का सवाल नहीं है। तंज भी कसा कि नीतीश कुर्सी कुमार हैं और गद्दी से चिपके रहना चाहते हैं।

नीतीश से मिलने के बाद किए ट्वीट में प्रशांत ने खुद को तो कर्ण बताया है, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि PK ने सांप किसे कह रहे हैं?

क्या नीतीश के लिए PK का साथ जरूरी है… 3 वजहें

  • अगस्त में भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद नीतीश कुमार 2024 के चुनाव के लिए सभी दलों को एकजुट कर रहे हैं। इस कवायद में नीतीश पिछले दिनों विपक्ष के कई नेताओं से मिल भी चुके हैं। सूत्रों की माने तो प्रशांत की मदद से नीतीश विपक्ष के कुछ नेताओं को साधने की कोशिश में जुटे हैं।
  • 2018 में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए थे। हालांकि, भाजपा के खिलाफ बयान देने की वजह से 2020 में पार्टी ने उन्हें बाहर कर दिया। लेकिन, आने वाले वक्त में पुरानी अंडरस्टैंडिंग काम कर सकती है।
  • प्रशांत इसके बाद से ही सियासी ठिकाने की तलाश में है। 2022 में कांग्रेस से बात नहीं बनने के बाद उन्होंने बिहार में पदयात्रा की घोषणा की थी।