राहत / कृषि उपज मंडी समितियों के जरिए 1 करोड़ से अधिक के कैश पेमेंट पर टीडीएस नहीं लगेगा



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  • व्यापारियों में इस नियम को लेकर भ्रम की स्थिति थी, सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था
  • व्यापारियों ने किसानों से खरीद बंद कर दी थी, कुछ मंडियों में डिजिटल पेमेंट पर विचार हो रहा था

Dainik Bhaskar

Sep 17, 2019, 05:56 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। अब कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के जरिए एक करोड़ रुपए से अधिक के नकद भुगतान पर टीडीएस नहीं कटेगा। किसानों को उपज का भुगतान मिलने में दिक्कतें सामने आने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी। सरकार ने नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने और कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढ़ने के लिए आम बजट में एक करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी निकालने पर 2% टीडीएस लगाने का प्रस्ताव किया था। यह नियम एक सितंबर से अमल में आया था। एपीएमसी से जुड़े व्यापारी किसानों से उपज तो खरीद रहे थे, लेकिन उन्हें नकद भुगतान करने में दिक्कत आ रही थी। मप्र सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर टीडीएस हटाने की मांग की थी। 

 

मंडी व्यापारियों का कहना था कि किसानों की आय पर वैसे भी आयकर नहीं है। ऐसे में व्यापारियों पर बेवजह टैक्स का भार आ सकता है। कई मंडियों में व्यापारियों को इस नियम के लागू होने की तारीख को लेकर भी भ्रम था। इस मामले में और भी कई समस्याएं थीं।

 

मंडियों में व्यापारी उपज की खरीद रोकने लगे थे
कई मंडियों में व्यापारियों ने एक सितंबर से किसानों से उपज खरीद करना ही बंद करने का ऐलान कर दिया था। जीरा की प्रमुख ऊंझा (गुजरात) मंडी में व्यापारियों ने किसानों से माल खरीदना बंद करने का फैसला किया था और सरकार से स्पष्टीकरण देने की मांग की थी। कुछ मंडियों में एपीएमसी किसानों को डिजिटल पेमेंट करने पर भी विचार करने लगे थे।

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