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  • Now Adani Will Also Challenge Tata And Ambani Directly In The Race For EV, Reason: India's EV Will Be Worth 11 Lakh Crores By 2030

ईवी की रेस में अब अदाणी भी:टाटा और अंबानी को सीधे चुनौती देंगे, वजह: 2030 तक 11 लाख करोड़ का होगा देश का ईवी

मुंबई4 महीने पहले
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पोर्ट से पावर सेक्टर तक दम दिखा चुके देश के दूसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अदाणी ईवी की रेस में शामिल सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एसबी अदाणी ट्रस्ट को गाड़ियों के लिए ट्रेडमार्क मिल गया है। अदाणी का यह वेंचर खुद के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक, बस और कोच बनाएगा। समूह ईवी बैटरी के अलावा देशभर में चार्जिंग स्टेशन पर भी काम कर रहा है।

समूह ने नई सहायक कंपनी एएनआईएल बनाई। यह विश्व की सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा कंपनी होगी। इससे पहले अदाणी कह चुके हैं कि अगले दशक में वे ग्रीन एनर्जी पर 5.2 लाख करोड़ रु. खर्च करेंगे। जानिए, ईवी मार्केट कितनी तेजी से बढ़ रहा है और क्या बदलाव होंगे...

दिसंबर 2021 में देश में ईवी मार्केट की सालाना आधार पर ग्रोथ 240% रही
इसी हफ्ते खबर आई थी कि हीरो इलेक्ट्रिक और महिंद्रा समूह इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी के तहत महिंद्रा, हीरो इलेक्ट्रिक की बाइक का निर्माण करेगा, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में देश के दो बड़े कॉर्पोरेट टाटा ग्रुप और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज तेजी से विस्तार कर रही हैं। दोनों ग्रुप की जीरो कार्बन एमिशन को लेकर बड़ी योजनाएं हैं...और अब अदाणी ग्रुप की एंट्री के बाद बाजार ज्यादा कंपीटिटिव हो जाएगा।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर जागरूकता जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे कई गुना तेजी से ईवी मार्केट। जेएमके रिसर्च के अनुसार, दिसंबर 2021 में देश में ईवी मार्केट की सालाना आधार पर ग्रोथ 240% रही। दिसंबर में 50,800 ईवी बिकीं। जबकि, दिसंबर 2020 में सिर्फ 14,978 ईवी रजिस्टर्ड हुई थीं। कंसल्टिंग फर्म आरबीएसए एडवाइजर्स का दावा है कि इस दशक में देश का ईवी मार्केट 90% की सीएजीआर से बढ़कर 2030 तक 11 लाख करोड़ का हो जाएगा।

बड़ी ऑटो कंपनियों का रुख भी इसी ओर इशारा कर रहा है। टेस्ला के अलावा मर्सिडीज, ऑडी, वॉल्वो जैसी कंपनियां भी भारत में गाड़ियां असेंबल कर फायदा कमाने का मौका देख रही हैं। स्थानीय रूप से असेंबल की गई कारों पर टैक्स 45%, जबकि आयातित पर 110% देना पड़ता है। मर्सिडीज देश में इस साल के अंत तक ईक्यूएस उतारने की योजना बना रही है। ऑडी ईवी की असेंबली की संभावना को जांचने स्टडी कर रही है।

वॉल्वो कार्स भी इसी रणनीति पर चल रही है। जबकि बीएमडब्ल्यू टेस्ला की तरह शुल्क कटौती की मांग कर रही है, पर सिर्फ सीमित अवधि के लिए क्योंकि यह स्थानीयकरण का भी सोच रही है। ईवी पर दी जा रही सब्सिडी, कई राज्यों द्वारा टैक्स हटाने जैसी पहल भी कंपनियों को ईवी उतारने के लिए आकर्षित कर रही है। दिल्ली सरकार ने पोर्टल लॉन्च किया है। केरल ने ऑनलाइन स्टोर ‘माय ईवी’ शुरू किया है।

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