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13 दिन बाद भी नहीं मिटे ताउते के निशान:पालघर के वाड्राई बीच पर फंसे जहाज से समुद्र में रिस रहा तेल; कोस्टगार्ड के 2 हेलिकॉप्टर से हो रही निगरानी

पालघर20 दिन पहले
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महाराष्ट्र के पालघर के पास समुद्र में 13 दिन से फंसे एक जहाज की निगरानी के लिए दो कोस्टगार्ड के हेलिकॉप्टर भेजे गए हैं। दोनों हेलिकॉप्टर जहाज पर नजर रख रहे हैं। दरअसल, 17 मई को चक्रवात ताऊते के कारण अलीबाग से भटक कर जहाज पालघर में वाड्राई बीच के पास पहुंचकर चट्टान से टकरा गया था। इस वजह से जहाज के कई हिस्से टूट गए थे। ये एक गाल कंस्ट्रक्टर है। इसमें 80 हजार लीटर तेल है, जो रह-रहकर रिस रहा है और समुद्र के आसपास फैल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 मीटर तक तेल का फैलाव समुद्र में देखने को मिला है। जहाज दास ऑफ शोर और एफकोर्न कंपनी का है। तेल लीक न हो इसको लेकर भी कंपनी की तरफ से कोशिश जारी है। इसमें एक कवच भी लगाया गया है। इस दौरान कोस्टगार्ड के अधिकारियों ने भी इलाके का मुआयना किया। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति कंट्रोल में है। जहाज का टैंक अभी टूटा नहीं है।

कोस्टगार्ड के अधिकारी भी लगातार जहाज की निगरानी कर रहे हैं।
कोस्टगार्ड के अधिकारी भी लगातार जहाज की निगरानी कर रहे हैं।

भारी मात्रा में तेल के रिसाव का खतरा

  • जहाज में भारी मात्रा में तेल के रिसाव का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड (MMB)और शिपिंग के डायरेक्टर जनरल ने जहाज की कंपनी को नोटिस भी जारी किया है। इसमें समुद्र में पॉल्युशन के खतरे को लेकर चिंता जाहिर की है। जहाज को नेविगेशन के रास्ते में फंसे होने के चलते हटाने की चेतावनी भी दी है।
  • MMB के कैप्टन प्रवीण खाड़ा ने कहा है कि हमारी पहली प्राथमिकता जहाज के अंदर से तेल को निकाल बाहर करना है। इसके बाद हम जहाज को बाहर निकालेंगे। ये पत्थरों के बीच में फंसा हुआ है।
  • कोस्टगार्ड के प्रवक्ता अरविंदन मित्रा ने कहा है कि जहाज में लगभग 80 हजार लीटर तेल है। ये हाई फ्लेश हाई स्पीड डीजल है। जहाज में कोई इंजन नहीं है। इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर के लिए फ्यूल की जरूरत होती है। ये जहाज उनके लिए आवास की तरह था, जो इन ऑफ शोर नौकरियों में कार्यरत हैं।
जहाज को समुद्र से निकालने की दिन-रात कोशिश की जा रही है।
जहाज को समुद्र से निकालने की दिन-रात कोशिश की जा रही है।

मछुआरों ने दी थी बड़े आंदोलन की चेतावनी
इससे पहले मछुआरों ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसमें उन्होंने मांग की थी कि सरकार को तेल के रिसाव को रोकने की तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय मछुआरों ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन में जहाज को हटा कर तेल साफ नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

जहाज पर हमारा कंट्रोल नहीं था, हम लहरों के सहारे चल रहे थे: कर्मचारी
जहाज में कार्यरत क्रेन कर्मचारी एहसान खान ने एक मीडिया चैनल को बताया कि जहाज के अंदर भरे तेल को निकालने की कोशिश की जा रही है। पत्थर से टकराने के बाद इसमें छेद हो गया। चक्रवात में यह अलीबाग से यहां बहते-बहते पहुंच गया। जो एंकल लगाया था वो भी तूफान के चलते टूट गया। इसमें 137 लोग थे, जिन्हे रेस्क्यू कर लिया। पूरे रास्ते जहाज पर हमारा कंट्रोल नहीं था। हम लहरों के सहारे चल रहे थे।

समुद्र के पानी में तेल का रिसाव शुरू हो गया है। इससे जलीय जीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
समुद्र के पानी में तेल का रिसाव शुरू हो गया है। इससे जलीय जीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

मुंबई के बीचों पर प्रतिबंध के बाद यहीं आ रहे सबसे ज्यादा मछुआरे
सरकार ने मुंबई और इसके आसपास के तटों पर 31 मई तक मछली पकड़ने पर पतिबंध लगा दिया है। इस वजह से मछुआरे पश्चिम तट यानी अलीबाग और वाड्राई बीच के आसपास के इलाकों में मछली पकड़ने के लिए जा रहे थे। ऐसे में अगर यहां तेल फैल गया तो उनका कारोबार ठप पड़ सकता है।

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