आरबीआई / बैंकिंग लोकपाल के सिर्फ 98 फैसले ग्राहकों के पक्ष में

बैंकिग लोकपाल में शिकायतों की सुनवाई के आंकड़े पेश किए आरबीआई ने। बैंकिग लोकपाल में शिकायतों की सुनवाई के आंकड़े पेश किए आरबीआई ने।
X
बैंकिग लोकपाल में शिकायतों की सुनवाई के आंकड़े पेश किए आरबीआई ने।बैंकिग लोकपाल में शिकायतों की सुनवाई के आंकड़े पेश किए आरबीआई ने।

  • जबकि एक साल में 1.95 लाख शिकायतें सुनी
  • शिकायतों की सुनवाई में 61 करोड़ हुए खर्च

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2019, 12:15 PM IST

मुंबई (गुरुदत्त तिवारी/कुमुद दास). बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई के लिए देशभर में गठित 21 बैंकिंग लोकपाल ने 2018-19 में कुल 1.95 लाख शिकायतें सुनी। इन शिकायतों की सुनवाई में 61 करोड़ रुपए का खर्च आया। लेकिन केवल 98 मामलों में फैसले ग्राहकों के हक में आए। शेष सारी शिकायतें या तो सुनवाई के योग्य ही नहीं पाईं या फिर ये फैसले बैंक के पक्ष में दिए गए।

यह खुलासा भारतीय रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। पिछले दिनों आरबीआई ने यह रिपोर्ट जारी की है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार ग्राहकों की शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। दो साल में शिकायतकर्ताओं की संख्या में 50 फीसदी तक बढ़े हैं।


आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक 19 फीसदी शिकायतें बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी रहीं। इसके तहत ग्राहकों ने बैंकों पर नियमों के तहत सेवाएं न देने की शिकायत की है। दूसरे नंबर 18.65% शिकायतें एटीएम और डेबिट कार्ड से जुड़ी रहीं। तीसरे नंबर पर 7.55% शिकायतें मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में कमी से जुड़ी हुई हैं।

बैंकिंग सेवाओं के जानकारों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में ग्राहक बार-बार चक्कर लगाने से बचने के लिए शिकायतें वापस लेकर समझौता कर लेता है। केवल 78 या 0.04% मामलों में ही शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल के निर्णय के खिलाफ अपील में गए।

 
इस संबंध में बात करने पर आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा कि शिकयतें निपटाना और ग्राहकों के हक में फैसला देना दो अलग-अलग बातें हैं। कई बार शिकायतें झूठी होती हैं, इसलिए इन पर अवाॅर्ड नहीं दिया जा सकता। लेकिन आरबीआई ने बैंक ग्राहकों की शिकायतों की बेहतर सुनवाई के लिए सेबी के पूर्व प्रमुख एस. दामोदरन की अगुआई में एक पैनल का गठन किया था। इनकी सिफारिशों के आधार पर लोन पर प्री-पेमेंट पेनाल्टी हटाई गई थी। लेकिन यह बाद में देखने में आया कि कुछ बैंकों ने फिर से प्री-पेमेंट पेनाल्टी लगा दी थी।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के 21 शहरों में बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय खोले हैं। मुंंबई और दिल्ली में दो-दो बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय हैं। भोपाल का बैंकिंग लोकपाल का कार्यालय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दो राज्यों की बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करता है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना