• Hindi News
  • National
  • opposition leaders questions reliability of EVMs, demand 50 percent VVPAT count

विपक्षी दलों ने एकबार फिर उठाए ईवीएम पर सवाल, पहले चरण के मतदान में लगाया गड़बड़ी का आरोप, अब इस मांग को लेकर जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

VVPAT से भी संतुष्ट नहीं विपक्षी दल, बोले- 7 की बजाए सिर्फ 3 सेकंड तक रहता है डिस्प्ले

dainikbhaskar.com

Apr 14, 2019, 05:43 PM IST
opposition leaders questions reliability of EVMs, demand 50 percent VVPAT count

नेशनल डेस्क (नई दिल्ली). लोकसभा चुनाव के लिए पहले दौर के मतदान के बाद भी ईवीएम को लेकर विपक्षी दलों का भरोसा अब भी कायम नहीं हो सका है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने रविवार को एक बैठक की। जिसमें तय हुआ कि 21 विपक्षी दल आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और 50% ईवीएम-वीवीपैट मिलवाने की मांग करेंगे। बता दें कि चंद्रबाबू नायडू के साथ गए विपक्षी दलों के नेताओं ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने 50% ईवीएम-वीवीपैट का मिलान करने की मांग की थी।

वीवीपैट में सिर्फ 3 सेकंड के लिए दिखता है वोट

- रविवार को हुई बैठक के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 21 विपक्षी दल इस मामले को लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। जहां कोर्ट से आग्रह किया जाएगा कि चुनाव आयोग हर विधानसभा में कम से कम 50% मतों का ईवीएम-वीवीपैट से मिलान करे। इस बात को लेकर विपक्ष ने पूरे देश में अभियान चलाने की बात भी कही है।

- सिंघवी ने कहा 'पहले चरण के मतदान के बाद एकबार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हमें नहीं लगता कि चुनाव आयोग पर्याप्त ध्यान दे रहा है। यदि आप एक्स पार्टी का बटन दबाते हैं, तो वोट वाई पार्टी को जाता है। VVPAT में भी 7 सेकंड की बजाय सिर्फ 3 सेकंड के लिए वोट प्रदर्शित होता है।'
- इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ईवीएम और वीवीपैट के मिलान का दायरा बढ़ाने के लिए कहा था। कोर्ट ने आयोग को हर लोकसभा सीट की सभी विधानसभाओं के 5 बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट का मिलान करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले तक हर विधानसभा के 1 पोलिंग बूथ पर ही पर्चियों का मिलान होता था। इस व्यवस्था के खिलाफ 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
- चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच, विपक्षी पार्टियों की 50% पर्चियों के मिलान की मांग पर सहमत नहीं हुई थी। बेंच ने कहा था कि इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत पड़ेगी, बुनियादी ढांचे को देखते हुए ये मुमकिन नहीं लगता। इससे पहले सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वीवीपैट स्लिप गिनने का मौजूदा तरीका सबसे उपयुक्त है।

अभी सिर्फ 1 पोलिंग बूथ पर होता है मिलान

- मौजूदा प्रणाली के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता है। वहीं, आम चुनाव में लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों की एक-एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता है।
- चंद्रबाबू नायडू के अलावा शरद पवार, केसी वेणुगोपाल, डेरेक ओब्रायन, शरद यादव, अखिलेश यादव, सतीश चंद्र मिश्रा, एमके स्टालिन, टीके रंगराजन, मनोज कुमार झा, फारूक अब्दुल्ला, एसएस रेड्डी, कुमार दानिश अली, अजीत सिंह, मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल, जीतन राम मांझी, प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह जैसे नेता भी ईवीएम को लेकर याचिका लगाने वाले नेताओं में शामिल हैं।




X
opposition leaders questions reliability of EVMs, demand 50 percent VVPAT count
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना