दिल्ली / मोदी को मिले 2700 से ज्यादा उपहारों की 14 सितंबर से नीलामी, पैसा गंगा सफाई पर खर्च होगा



नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स में प्रधानमंत्री के उपहारों को देखते प्रह्लाद पटेल। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स में प्रधानमंत्री के उपहारों को देखते प्रह्लाद पटेल।
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नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स में प्रधानमंत्री के उपहारों को देखते प्रह्लाद पटेल।नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स में प्रधानमंत्री के उपहारों को देखते प्रह्लाद पटेल।

  • मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा- प्रधानमंत्री को 6 महीनों में मिले उपहारों की ही नीलामी होगी
  • स्मृति चिह्नों की नीलामी ऑनलाइन होगी, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स में उपहारों को प्रदर्शन के लिए रखा गया
  • नीलामी में स्मृति चिह्न का न्यूनतम मूल्य 200 और अधिकतम 2.5 लाख रुपए

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 12:05 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशभर से मिले 2700 से ज्यादा उपहारों की 14 सितंबर से नीलामी होगी। संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बुधवार को कहा कि इससे मिली राशि को गंगा सफाई पर खर्च किया जाएगा। इसकी नीलामी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जाएगी। 

 

नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स (एनजीएमए) में उपहारों का प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न संगठनों और मुख्यमंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री को कुल 2,772 उपहार दिए गए हैं। इनमें शॉल, तस्वीरें और तलवार शामिल हैं।

 

प्रह्लाद पटेल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को पिछले छह महीनों में मिले उपहारों को ही नीलाम किया जाएगा। मैं प्रधानमंत्री को इसके लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। उपहारों के लिए स्मृति चिह्न का न्यूनतम मूल्य 200 और अधिकतम 2.5 लाख रु. है।’’ सिल्क पर बनाई गई मोदी की तस्वीर की कीमत सबसे ज्यादा रखी गई है। इसे सीमत्ती टेक्सटाइल की मालिक बीना कन्नन ने गिफ्ट किया था। 

 

नीलामी की वस्तुओं को हर 15 दिनों में बदला जाएगा- मंत्री

उपहारों में 576 शॉल, 964 अंगवस्त्र, 88 पगड़ी और भारत की विविधता को दर्शाती कई जैकेट्स हैं। मंत्री ने कहा कि एनजीएमए में प्रदर्शित होने वाली नीलामी की वस्तुओं को हर 15 दिनों में बदल दिया जाएगा।

 

जनवरी में हुई नीलामी में 1800 उपहारों को बेचा गया था

इसी साल जनवरी में हुई नीलामी में प्रधानमंत्री के 1800 उपहारों को बेचा गया था। इसमें करीब चार हजार लोगों ने बोली लगाई थी। इससे मिली राशि को केंद्र सरकार की योजना गंगा सफाई में लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि ई-नीलामी में बेचने के लिए कारीगरों द्वारा बनाई गई बीएमडब्ल्यू कार का लकड़ी का प्रतिरूप सबसे महंगा स्मृति चिह्न था, जिसकी कीमत 5 लाख रुपए थी। हालांकि, उन्होंने जनवरी की नीलामी में मिली कुल राशि के बारे में जानकारी नहीं दी।

 

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