कश्मीर / युवाओं को शामिल करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे आतंकी संगठन

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2018, 06:58 PM IST



Pak terror groups use women to honey trap youths: officials
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Pak terror groups use women to honey trap youths: officials

  • सुरक्षाबलों ने नवंबर में घाटी से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया
  • महिला युवाओं से मिलने का वादा कर हथियारों की डिलीवरी करवाती थी

श्रीनगर.  पाकिस्तानी संगठन जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आतंकी बनाने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को हथियारों की डिलिवरी और घुसपैठ के दौरान आतंकियों की मदद करने को उकसाती हैं। सुरक्षाबलों ने 18 नवंबर को बांदीपोरा से एक महिला को गिरफ्तार किया था, जिस पर सोशल मीडिया पर युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसाने का आरोप था।

 

सुरक्षाबलों के मुताबिक, सईद शाजिया (30) पर काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी। वह फेसबुक और इस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके अकाउंट थे। घाटी के हजारों युवा उसे फॉलो भी करते थे। वह युवाओं से वादा करती थी कि अगर उन्होंने बताए गए माल की डिलीवरी कर दी तो वह उनसे मुलाकात करेगी।

 

घाटी में अभी और भी ऐसी महिलाएं- अफसर 

शाजिया पुलिस विभाग के कुछ अफसरों के संपर्क में भी थी। हालांकि, अफसरों ने इसे 'डबल क्रॉस' की सामान्य रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि शाजिया सैनिकों के मूवमेंट की जानकारी दे रही थी और उसके जरिए कोई भी संवेदनशील सूचना सीमापार बैठे हैंडलर्स को नहीं भेजी गई। पूछताछ के दौरान शाजिया ने बताया कि घाटी में कुछ और महिलाएं भी हैं, जो युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसा रही हैं। शाजिया के गिरफ्तार होने के एक हफ्ते पहले ही पुलिस ने श्रीनगर से 28 साल की महिला आसिया जान को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 20 ग्रेनेड बरामद किए थे।

 

2017 में मिले थे आसिया के खिलाफ सबूत

सितंबर- 2017 में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के घाटी चीफ अबु इस्माइल और छोटा कासिम को मार गिराया था। दोनों पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले में शामिल थे। इसमें 8 यात्री मारे गए थे। इसी मामले में सुरक्षाएजेंसियों ने आसिया और शाजिया की निगरानी शुरू की थी। सुरक्षाबलों को मुठभेड़ की जगह से कुछ दस्तावेज मिले थे, जिससे संकेत मिला था कि उत्तरी कश्मीर की कोई महिला ने दोनों आतंकियों तक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाए थे। 

 

शाजिया के संपर्क में था स्पेशल पुलिस अफसर इरफान

अप्रैल-2018 में सुरक्षाबलो ने महिला की पहचान सईद शाजिया के तौर पर की। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां उस पर नजर बनाए थीं। जांच में पता चला था कि वह सीमापार बैठे कुछ आतंकियों के संपर्क में है और युवाओं से जान पहचान बढ़ाकर उन्हें आतंकवाद के लिए उकसाती है। शाजिया की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने घाटी से एक स्पेशल पुलिस अफसर इरफान को गिरफ्तार किया था। वह शाजिया के संपर्क में था और उसे जानकारी दे रहा था। शाजिया जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शेरवान उर्फ अली के संपर्क में थी। वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम कर रही थी।

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