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पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश:दिल्ली, महाराष्ट्र और UP से 6 आतंकी गिरफ्तार, ओडिशा में जासूसी करते DRDO के 4 कर्मचारी पकड़े गए

नई दिल्ली7 दिन पहले

आने वाले त्योहारों के दौरान देश में धमाके कराने की पाकिस्तानी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस ने 6 आतंकियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हाई क्वालिटी हथियार बरामद किए हैं। पकड़े गए आतंकियों में से 2 ने पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी। पकड़े गए आतंकी दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस के इशारे पर नवरात्रि और रामलीला के दौरान सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे।

इधर, ओडिशा के बालासोर से पुलिस ने DRDO के चार कर्मचारियों को जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया है। चांदीपुर सेंटर में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले ये चारों कर्मचारी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंट्स को भेज रहे थे। पुलिस ने बताया कि इसके लिए उन्हें पाकिस्तानी एजेंट मोटी रकम दे रहे थे। गिरफ्तार कर्मचारियों पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट समेत दूसरी धाराएं लगाई गई हैं।

14 दिन की पुलिस रिमांड में भेजे गए 4 आतंकी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए गए 6 में से 4 आतंकियों को मंगलवार रात कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद चारों को 14 दिनों के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया। दिल्ली पुलिस की टीम 2 अन्य को आज दोपहर कोर्ट में पेश करेगी।

मल्टी स्टेट ऑपरेशन में पकड़े गए 6 आतंकी
दिल्ली समेत तीन राज्यों से पकड़े गए आतंकियों का यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के DCP प्रमोद कुशवाह ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद एक मल्टी स्टेट ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से ये आतंकी पकड़े गए। पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने वाले आतंकियों के नाम ओसामा और जीशान कमर हैं। बाकी चारों आतंकियों के नाम मोहम्मद अबु बकर, जान मोहम्मद शेख, मोहम्मद अमीर जावेद और मूलचंद लाला हैं।

मस्कट से पाकिस्तान ले जाकर दी गई आतंक की ट्रेनिंग
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर ने बताया, 'हमारे पास 10 टेक्निकल इनपुट थे। सबसे पहले महाराष्ट्र से एक आतंकी को पकड़ा गया। दो आदमी दिल्ली में अरेस्ट हुए। इसके बाद उत्तर प्रदेश से 3 लोग अरेस्ट किए गए। इनमें से 2 आतंकी अप्रैल में मस्कट गए थे। उन्हें मस्कट से बाई शिप पाकिस्तान ले जाया गया। वहां एक फार्म हाउस में रखकर विस्फोटक बनाने और AK-47 चलाने की 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई।'

आतंकियों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर (बाएं)।
आतंकियों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर (बाएं)।

त्योहारों के दौरान भीड़ भरे इलाकों में ब्लास्ट करना चाहते थे
ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों को 2 टीमों में बांटा गया था। इनमें से एक को दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम गाइड कर रहा था। आतंकियों की इस टीम का काम सीमा पार से हथियार लाना और उन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजना था। यही टीम आने वाले फेस्टिवल सीजन में IED प्लांट करने वाली थी। नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़ भरे इलाके इनके निशाने पर थे।

पुलिस को शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि हथियार लाने वाली टीम को सपोर्ट देने के लिए दूसरी टीम को हवाला के जरिए पैसा लाने और आतंकियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी टीम के ऊपर बाकी आतंकियों के लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी थी।

बांग्ला बोलने वाले 15 लोगों को भी ट्रेनिंग देने का शक
ठाकुर ने कहा, 'पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर ये लोग मस्कट लौटे। मस्कट से 15 बांग्ला बोलने वाले लोगों को भी पाकिस्तान ले जाया गया था। लगता है उन्हें भी ट्रेनिंग दी गई है। पुलिस पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

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