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राहत / तीन दशक बाद पाकिस्तानी महिला को मिली भारत की नागरिकता, बोलीं- मैं अपने परिजन से आराम से मिल सकती हूं

पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव खातिजा को नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपते हुए। पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव खातिजा को नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपते हुए।
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पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव खातिजा को नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपते हुए।पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव खातिजा को नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपते हुए।

  • खातिजा परवीन 1980 में भारतीय नागरिक से शादी की थी और वीजा के माध्यम से भारत आती थीं
  • उसने भारतीय नागरिकता के लिए 2000 में आवेदन दिया था, लेकिन उसे तत्काल वीजा नहीं मिली

Dainik Bhaskar

Dec 24, 2019, 09:59 PM IST

पुंछ. नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) को लेकर देशभर में विरोध के बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एक पाकिस्तानी महिला को तीन दशक से अधिक समय बाद भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव ने पिछले तीन दशक से रह रही खातिजा परवीन को सोमवार को नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपा। खातिजा ने कहा- अब वह खुश है। भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान अपने परिजन से मिलने आराम से जा सकती हैं।

उपायुक्त कार्यालय के मुताबिक, खातिजा परवीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। उसे भारतीय नागरिक से शादी करने के लिए नागरिकता कानून 1955 की धारा 5 (1) के आधार पर नागरिकता प्रदान की गई। खातिजा परवीन और उनके पति मोहम्मद ताज ने गृह मंत्रालय से नागरिकता प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद सरकार का आभार जताया।

मैं यात्रा दस्तावेज को लेकर हमेशा चिंतित रहती थी: खातिजा

खातिजा ने कहा, “1980 में शादी के बाद मैं दस्तावेज न होने की वजह से पुंछ जाने में असमर्थ थीं। मैं लगभग तीन साल तक इंतजार करती रही। इसके बाद 1983 में पुंछ में अपने पति से मिली। इन वर्षों में मैं हर बार अपने परिवार से मिलने पाकिस्तान जाती रही और इस दौरान अपने यात्रा दस्तावेज को लेकर हमेशा चिंतित रहती थी। मैं समय-समय पर वीजा का रिन्यूअल करवाती रहती थी ताकि मैं अपने परिवार के साथ रह सकूं।”

हम हमेशा अजमेर शरीफ दरगाह जाना चाहते थे लेकिन नहीं जा सके: फातिमा

खातिजा परवीन की बड़ी बेटी फातिमा ने कहा, “पिछले कई वर्षों से मां की नागरिकता न होने के कारण हम छुटि्टयों की योजना नहीं बना पा रहे थे। मेरे पिता के मन में यह चिंता हमेशा बनी रही और वह दिल्ली से बाहर कभी नहीं जा सके। हम हमेशा अजमेर शरीफ दरगाह जाना चाहते थे, लेकिन कभी भी नहीं जा सके। अब हम वहां साथ जा सकते हैं और दर्शन कर सकते हैं।”

सीमा के दोनों ओर रह रहे परिवार के सदस्य खुश हैं: मोहम्मद ताज

खातिजा परवीन के पति मोहम्मद ताज हाल ही में राज्य शिक्षा विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने कहा- उनकी पत्नी ने 2000 में नागरिकता के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसे यह तत्काल हासिल नहीं हुआ। अब उसे भारतीय नागरिकता मिली है। मैं भारत सरकार का आभार प्रकट करता हूं। सीमा के दोनों ओर रह रहे हमारे परिवार के सदस्य इससे खुश हैं।

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