विवाद / नागरिकता विधेयक के विरोध में मणिपुर में हिंसा, राज्यसभा में आज भी नहीं पेश हो सका बिल



parliament rajya sabha citizenship amendment bill news and updates
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  • अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाक के गैर मुस्लिमों को अभी 12 साल बाद नागरिकता मिलती है
  • ऐसे लोगों को 6 साल बाद ही नागरिकता देने के प्रावधान वाला यह विधेयक जनवरी में लोकसभा से पारित हुआ

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 08:42 PM IST

नई दिल्ली. राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते नागरिकता संशोधन विधेयक मंगलवार को भी पेश नहीं हो पाया। यह बिल जनवरी में लोकसभा से पारित हो गया था। इस विधेयक के जरिए 1955 के कानून को संशोधित किया जाएगा। कल बजट सत्र का आखिरी दिन है। यह 16वीं लोकसभा का आखिरी सत्र है। हालांकि, इस बीच लोकसभा में सरकार ने वित्त विधेयक 2019 पास करा लिया।

 

मणिपुर में नागरिकता विधेयक के विरोध में हिंसा और उग्र हो गई। राजधानी इंफाल के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा। यहां इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का पुतला भी फूंका।

 

अखिलेश को प्रयागराज जाने की अनुमति न मिलने पर संसद में हंगामा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्मयंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को लखनऊ एयरपोर्ट पर प्रयागराज जाने से रोक दिया गया। अखिलेश प्राइवेट प्लेन से एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उनका कुंभ जाने का भी कार्यक्रम था। अखिलेश को रोके जाने के मुद्दे पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ। इसी के चलते राज्यसभा को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

 

अन्य देशों से आने वाले अल्पसंख्यकों को नागरिकता में आसानी होगी

इससे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के गैर मुस्लिमों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारत की नागरिकता देने में आसानी होगी। मौजूदा कानून के अनुसार, इन लोगों को 12 साल बाद भारत की नागरिकता मिल सकती है, लेकिन बिल पास हो जाने के बाद यह समयावधि 6 साल हो जाएगी। 

 

वैध दस्तावेज न होने पर भी 3 देशों के गैर मुस्लिमों को इसका लाभ मिलेगा। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा था कि यह विधेयक केवल असम तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे देश में प्रभावी रहेगा। पश्चिमी सीमा से गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में आने वाले पीड़ित प्रवासियों को इससे राहत मिलेगी।

 

कांग्रेस समेत 7 दल विधेयक के विरोध में
बिल को पहली बार 2016 में संसद में पेश किया गया था। बाद में इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। समिति की सिफारिशों पर इसमें सुधार कर लोकसभा में पेश किया गया। कांग्रेस चाहती थी कि बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। सरकार ने मांग नहीं मानी तो पार्टी ने सदन से वाॅकआउट कर दिया। राजद, एआईएमआईएम, बीजद, माकपा, एआईयूडीएफ और आईयूएमएल भी विधेयक के विरोध में हैं।

 

राजनाथ ने कहा था- समझौते के बावजूद सहयोग नहीं कर रहे पड़ोसी देश
राजनाथ का कहना था कि अगर हम इन लोगों को शरण नहीं देंगे तो ये लोग कहां जाएंगे। भारत ने गैर मुस्लिमों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश से समझौता किया है पर इसका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के अनुरूप ही विधेयक को तैयार किया गया है। सरकार इसे बगैर किसी भेदभाव के लागू करेगी। असम के अनुसूचित जनजाति के लोगों के हितों की रक्षा के लिए सरकार कदम उठाएगी।

 

नेहरू भी थे गैर मुस्लिमों को शरण देने के पक्ष में: राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू समेत कई नेता भी पड़ोसी देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों को शरण देने के पक्ष में थे। उनका कहना था कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी बतौर नेता विपक्ष राज्यसभा में कहा था कि भाजपा सरकार बांग्लादेश में रह रहे गैर मुस्लिमों के मामले में उदार रवैया अपनाए।

 

वित्त विधेयक-2019 लोकसभा में पास हुआ
लोकसभा में वित्त विधेयक-2019 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने कहा कि साढ़े चार साल में अच्छे दिन कही नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस के सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 56 महीनों में सिर्फ सपने दिखाए गए। जुलाई में पेश होने वाले बजट में सबकुछ ठीक करने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक क्या किया गया।

भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत हो गई है। 2004 में संप्रग सरकार के समय जो आर्थिक सर्वेक्षण आया था, उसमें साफ कहा गया था कि वाजपेयी सरकार ठोस अर्थव्यवस्था छोड़कर गई है। 2014 के आर्थिक सर्वेक्षण में स्थिति बिल्कुल उलट थी। प्रतिस्पर्धा के लिए कर सुधार करने होंगे और मोदी सरकार वह कर रही है। कर सुधार और आम लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है

 

9.5 लाख की आय वाले टैक्स से बच सकते हैं- गोयल
लोकसभा में वित्त विधेयक-2019 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 9.5 तक की आय वाले लोग बचत योजनाओं के जरिए टैक्स में छूट हासिल कर सकते हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा- हमने यूपीए की तरह अमीर लोगों को राहत नहीं दी है। हमने एसयूवी पर टैक्स नहीं घटाया है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर अमीर लोग ही करते हैं। अंतरिम बजट से गरीबों और मिडल क्लास लोगों को मदद मिलेगी। हमने कोई टैक्स प्रस्ताव पेश नहीं किया है। हम इन्हें जुलाई में लाएंगे।

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