सोशल मीडिया पर सख्ती:फेसबुक-गूगल से कहा- नए IT नियम मानने होंगे, रविशंकर प्रसाद और थरूर के अकाउंट लॉक होने पर ट्विटर से जवाब मांगा

नई दिल्ली4 महीने पहले
संसदीय समिति ने फेसबुक और गूगल को अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में समन भेजा था।- फाइल फोटो।

इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर संसद की स्थायी समिति ने फेसबुक और गूगल के अफसरों के साथ मंगलवार को मीटिंग की। समिति ने इन कंपनियों से कहा कि उन्हें नए आईटी नियमों और देश के कानूनों को मानना होगा। कंपनियां डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी के नियमों का सख्ती से पालन करें। हाल में लागू हुए IT नियमों पर सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों की तनातनी के बाद यह बैठक बुलाई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सांसद शशि थरूर के अकाउंट लॉक किए जाने पर ट्विटर से 2 दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा जाएगा। ट्विटर से पूछा जाएगा कि यह फैसला किस आधार पर लिया गया। इस बारे में कमेटी ने सचिवालय को लेटर भेजने के निर्देश दिए हैं। यह लेटर मंगलवार को ही भेजा जा सकता है। यदि ट्विटर से ठीक जवाब नहीं मिलता है तो कंपनी के अधिकारी को तलब किया जा सकता है।

गूगल ने कहा- कम्यूनिटी गाइडलाइन न मानने वाले वीडियो हटाए
गूगल के अधिकारियों ने कमेटी को बताया कि यूट्यूब ने कम्यूनिटी गाइडलाइन का पालन न करने पर जनवरी से मार्च 2021 के दौरान यू ट्यूब ने 95 लाख से ज्यादा वीडियो हटाए हैं। इनमें से 95% वीडियो की शुरुआती पहचान इंसानी दखल के बगैर मशीनों ने की थी। इन वीडियो में से 27.8% को सिंगल व्यू तक नहीं मिला था। वहीं, 39% को महज एक से दस व्यू मिले थे।

यूट्यूब ने बताया कि इसी तिमाही के दौरान कम्यूनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर 22 लाख से ज्यादा चैनलों को बंद किया गया है। इसी दौरान, यूट्यूब ने एक करोड़ से ज्यादा कमेंट्स हटाए हैं। इनमें से ज्यादातर स्पैम थे और इन्हें ऑटोमेटिकली डिटेक्ट किया गया था।

फेसबुक 15 जुलाई तक कंटेंट हटाने की रिपोर्ट देगा
इससे पहले फेसबुक के अफसरों ने समिति से कहा कि नए IT नियमों के तहत हमने 15 मई से 15 जून के बीच कितना कंटेंट हटाया है, इस पर फाइनल रिपोर्ट 15 जुलाई को देंगे। इससे पहले 2 जुलाई को एक अंतरिम रिपोर्ट कमेटी को सौंप दी जाएगी। फेसबुक के अलावा गूगल के अधिकारियों को भी इस कमेटी के सामने पेश होना है।

कमेटी ने दोनों कंपनियों को समन भेजा था
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुआई वाली स्टैंडिंग कमेटी ने फेसबुक और गूगल को अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में समन भेजा था। स्टैंडिंग कमेटी जनता के अधिकारों को सुरक्षित रखने और इन प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल की शिकायतों पर अधिकारियों का नजरिया जानना चाहती है।

10 दिन पहले ट्विटर के अधिकारी पेश हुए थे
देश में लागू हुए नए IT कानूनों और सोशल मीडिया गाइडलाइंस के पालन को लेकर 10 दिन पहले ही ट्विटर के अधिकारी इस कमेटी के सामने पेश हुए थे। कमेटी ने ट्विटर से अपने प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सवाल किए थे। कमेटी ने पूछा था कि क्या वह देश में लागू कानूनों का सम्मान करती है या नहीं। इसके अलावा कंटेंट को लेकर भी सवाल किए गए थे। इस पर ट्विटर ने कहा था कि हम अपनी पॉलिसी को फॉलो करते हैं।

ट्विटर ने कानून मंत्री को दिखाया था अमेरिकी कानून का डर
ट्विटर ने शुक्रवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का ट्विटर हैंडल एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था। ट्विटर ने रविशंकर प्रसाद के अकाउंट से पोस्ट किए गए कंटेंट को लेकर आपत्ति जाहिर की थी। ट्विटर ने अमेरिकी कॉपीराइट एक्ट का हवाला देते हुए कहा था कि अकाउंट को सस्पेंड भी किया जा सकता है।

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