उद्धव की शिवसेना दशहरा रैली के लिए हाईकोर्ट पहुंची:BMC से मुंबई के शिवाजी पार्क में रैली की अनुमति मांगी थी, जवाब नहीं मिला

मुंबई7 दिन पहले
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हाईकोर्ट उद्धव गुट की अर्जी पर 22 सितंबर को सुनवाई करेगा। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट उद्धव गुट की अर्जी पर 22 सितंबर को सुनवाई करेगा।

मुंबई के शिवाजी पार्क में हर साल होने वाली शिवसेना की दशहरा रैली पर इस बार संकट है। उद्धव गुट के लोगों ने रैली के लिए अगस्त में ही BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) से अनुमति मांगी थी। BMC की ओर से जवाब नहीं मिला। इस पर उद्धव गुट ने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट में इस याचिका पर 22 सितंबर को सुनवाई होगी। शिवसेना 1966 से हर साल शिवजी पार्क में रैली करती है।

हाईकोर्ट में डाली याचिका
उद्धव गुट वाली शिवसेना के सेक्रेटरी अनिल देसाई ने फाइल किया है। याचिका में उन्होंने कहां कि BMC ने रैली की अनुमति को लेकर अगस्त से अब तक कोई फैसला नहीं लिया। इस कारण पार्टी को मजबूरन हाईकोर्ट आना पड़ा। BMC दशहरा रैली के लिए जल्द अनुमति दे।

शिवसेना 1966 से हर साल शिवाजी पार्क में दशहरा रैली कर रही है।
शिवसेना 1966 से हर साल शिवाजी पार्क में दशहरा रैली कर रही है।

शिवसेना किसकी? सुप्रीम कोर्ट में चल रहा उद्धव और शिंदे के बीच केस
उद्धव की लीडरशिप में बनी महा विकास अघाड़ी ( MVA) सरकार, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस शामिल थीं। शिवसेना का विवाद 20 जून से शुरू हुआ था, जब शिंदे के नेतृत्व में 20 विधायक सूरत होते हुए गुवाहाटी चले गए थे। इसके बाद शिंदे गुट ने शिवसेना के 55 में से 39 विधायक के साथ होने का दावा किया, जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बने। सरकार गिरने के बाद उद्धव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

26 जून को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना, केंद्र, महाराष्ट्र पुलिस और डिप्टी स्पीकर को नोटिस भेजा। बागी विधायकों को राहत कोर्ट से राहत मिली। मामला 3 महीने तक कोर्ट में चला जिसके बाद 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मामला संविधान पीठ को ट्रांसफर कर दिया।

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