3 राज्यों के दौरे पर PM मोदी, गुंटूर पहुंच बोले- यहां के मुख्यमंत्री ने लोगों से SUN राइज का वादा किया, पर SON राइज करने लगे

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

चेन्नई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दक्षिण भारत के तीन राज्यों आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के दौरे में सबसे पहले गुंटूर पहुंचे। यहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मोदी ने रैली में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एनडीए से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होने पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेदेपा प्रमुख दल बदलने में सीनियर हैं, उन्होंने तो अपने ससुर एनटीआर की पीठ में भी छुरा खोंपा था। इसके अलावा मोदी ने ये आरोप भी लगाया कि वो प्रदेश में सनराइज की बात करके अपने बेटे के उदय में ही लग गए।

जनता से खर्च का हिसाब लेने को कहा

मोदी ने कहा, ''आंध्र के लोगों जाग जाइए। ये (नायडू) कल फोटो खिंचवाने के लिए बड़ा हुजूम लेकर दिल्ली जाने वाले हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के पैसे से यह कार्यक्रम कर रही है। लेकिन वो आंध्र की जनता की तिजोरी से पैसे निकाल कर जा रहे हैं। आंध्र की जनता को उनसे इसका हिसाब लेना चाहिए। मेरा आग्रह होगा कि दिल्ली आने से पहले, मुझे गालियां देने से पहले, आप आंध्र के लोगों के अपने पैसे खर्च का हिसाब देकर आएं।''

तेदेपा ने गो बैक मोदी कहा, आपकी इच्छा पूरी होगी
प्रधानमंत्री ने कहा, ''तेदेपा के लोगों ने यहां आने पर मोदी गो बैक कहा है। मुझे देश के करोड़ों लोगों पर पूरा भरोसा है कि वे तेदेपा की इच्छा पूरी करेंगे और मुझे दोबारा दिल्ली की सरकार में पहुंचाएंगे। हम अमरावती से कोलावती तक वेल्थ क्रिएशन में लगे हैं। नायडू चौकीदार से परेशान हैं। उनकी जमीन खिसक चुकी है। केंद्र सरकार ने आंध्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी। लेकिन जो पैसा आया यहां की सरकार ने आपको बताया नहीं, उस पैसे का इस्तेमाल नहीं किया। जब प्रदेश का बंटवारा हुआ तो केंद्र में कांग्रेस सरकार थी। तब कांग्रेस ने सिर्फ अपना भला देखा। आज चंद्रबाबू ने उसी कांग्रेस के सामने सरेंडर कर दिया।''

बाबूगार ने सनराइज का वादा किया था, बेटे का उदय करने लगे
मोदी ने कहा, ''हमने आंध्रप्रदेश के लिए स्पेशल पैकेज बनाया। हमने कोशिश थी कि राज्य को उतना जरूर मिले जितना स्पेशल स्टेटस वाले राज्यों की जरूरत है। इस पैकेज को सितंबर 2016 में लागू कर दिया। खुद नायडू ने इस पैकेज पर शुक्रिया अदा किया था। हम पूरी ईमानदारी से अपना वादा निभाने में लगे थे। लेकिन उस पैकेज का इस्तेमाल करने में नाकाम तेदेपा सरकार ने यू टर्न ले लिया। बाबूगार सनराइज (सूर्योदय) का वादा कर सरकार में आए थे, लेकिन अपने बेटे का उदय करने में लग गए।''

मोदी ने कहा, ''पिछले कुछ महीनों में नायडू जिस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। लगता है कि उन्होंने मोदी के लिए गालियां रिजर्व कर ली हैं। क्या आंध्र की संस्कृति पर चोट करने का आपको अधिकार है। अरे बाबूगार कई महीनों से आप बोल रहे थे। मैंने अपने मुंह पर ताला लगाकर रखा था। लेकिन यह आंध्र की जनता है जिसने आपको जवाब दिया। आज मुझे आशीर्वाद देने जनसैलाब आया है। बाप-बेटे की सरकार जाना तय है। हमारी परंपरा है कि जब कोई शुभ काम होता है तो घर के मुखिया को काला टीका लगा देते हैं। आज आपने काले गुब्बारे दिखाकर जो किया है उसके लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।''

तेदेपा के गठबंधन तोड़ने के बाद मोदी का पहला दौरा
पिछले साल भाजपा के साथ तेदेपा के गठबंधन तोड़ने के बाद मोदी ने पहली बार आंध्र का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने विशाखापट्टनम में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व राष्ट्र को समर्पित किया। इसकी क्षमता 13 लाख 30 हजार टन है। इसके अलावा कृष्णा गोदावरी बेसिन में ओएनजीसी की परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

आंध्र के साथ विश्वासघात का विरोध करें: तेदेपा प्रमुख
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था, ''मोदी सरकार की ओर से आंध्र के साथ हुए विश्वासघात का विरोध करें, जिसकी चर्चा पूरे देश में होनी चाहिए। राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए साजिश रची गई। प्रधानमंत्री 2014 में राज्य के बंटवारे के बाद की बर्बादी देखने के लिए आ रहे हैं।'' इससे पहले नायडू ने कहा था कि क्या वे यह देखने आ रहे हैं कि लोग अभी जीवित हैं या नहीं?