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PM को इंतजार कराने वाले अफसर पर एक्शन:केंद्र ने बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली वापस बुलाया, ममता के साथ मोदी की मीटिंग में 30 मिनट देर से पहुंचे थे

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • शुभेंदु अधिकारी को समीक्षा बैठक में बुलाने पर भड़कीं ममता, PM मोदी को 30 मिनट इंतजार कराया।
  • प्रधानमंत्री ने तूफान से निपटने के लिए ओडिशा की तारीफ की, लेकिन बंगाल के काम का जिक्र नहीं किया।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के वक्त से शुरू हुई केंद्र और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तनातनी अब तक जारी है। शुक्रवार को यास तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे तो ममता उनकी रिव्यू मीटिंग में समय से नहीं पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे मीटिंग में शुभेंदु अधिकारी को बुलाए जाने से नाराज थीं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से लड़ीं ममता शुभेंदु से हार गई थीं।

उन्होंने कहा कि यदि शुभेंदु अधिकारी बैठक में शामिल हो रहे हैं तो उनका जाना मुश्किल है। सूत्रों के अनुसार, ममता और चीफ सेक्रेटरी एक ही परिसर में होने के बावजूद बैठक के लिए 30 मिनट की देरी से पहुंचे। देर रात केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी अलापन बंद्योपाध्याय को वापस बुला लिया।

बंगाल के चीफ सेक्रेटरी अलापन बंद्योपाध्याय को 31 मई सुबह 10 बजे तक DoPT, दिल्ली रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
बंगाल के चीफ सेक्रेटरी अलापन बंद्योपाध्याय को 31 मई सुबह 10 बजे तक DoPT, दिल्ली रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने इसका आदेश कर राज्य सरकार से गुजारिश की है कि उन्हें तुरंत रिलीव किया जाए। अलापन बंद्योपाध्याय को 31 मई सुबह 10 बजे तक DoPT, दिल्ली रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। ममता बनर्जी ने 24 मई को कहा था कि बंद्योपाध्याय का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। बंद्योपाध्याय पश्चिम बंगाल कैडर के 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं।

मोदी और ममता के बीच 15 मिनट मुलाकात
इस दौरान ममता ने PM मोदी से मुलाकात कर तूफान से हुए नुकसान की प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट बात हुई। यह मुलाकात पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में कलाईकुंडा में हुई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने PM मोदी को राज्य की स्थिति और तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के बारे में जानकारी दी। ममता खुद भी शनिवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगी।

बाद में ममता ने कहा कि PM ने मीटिंग बुलाई थी। हमें नहीं पता था कि दीघा में मेरी मुलाकात थी। मैं कलाईकुंडा गई और प्रधानमंत्री को रिपोर्ट दी। साथ ही दीघा और सुंदरबन के विकास के लिए 10 और 20 हजार करोड़ रुपए की मांग की। मैंने उनसे कहा कि राज्य के अधिकारी मुझसे मिलना चाहते हैं। मैंने उनकी अनुमति ली और चली आई।

मोदी ने ओडिशा के CM के साथ बैठक की
प्रधानमंत्री मोदी पहले ओडिशा पहुंचे। भुवनेश्वर में उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ यास के प्रभाव पर बैठक की। इस बैठक में राज्यों के आला अफसर भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री को बताया गया कि चक्रवात से सबसे ज्यादा नुकसान ओडिशा में हुआ है। पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए हैं।

इन फोटोज से PM की रिव्यू मीटिंग का अंतर समझिए

PM मोदी ने 28 मई को ओडिशा में तूफान यास से बने हालात की रिव्यू मीटिंग की। भुवनेश्वर में दोपहर एक बजे हुई इस बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से राज्य में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
PM मोदी ने 28 मई को ओडिशा में तूफान यास से बने हालात की रिव्यू मीटिंग की। भुवनेश्वर में दोपहर एक बजे हुई इस बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से राज्य में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
ओडिशा से PM मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे। उन्होंने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के कलाईकुंडा में दोपहर 2 बजे बैठक की। इसमें राज्यपाल जगदीप धनखड़ तो आए, लेकिन CM ममता बनर्जी की कुर्सी खाली रही। मोदी करीब 30 मिनट तक उनका इंतजार करते रहे।
ओडिशा से PM मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे। उन्होंने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के कलाईकुंडा में दोपहर 2 बजे बैठक की। इसमें राज्यपाल जगदीप धनखड़ तो आए, लेकिन CM ममता बनर्जी की कुर्सी खाली रही। मोदी करीब 30 मिनट तक उनका इंतजार करते रहे।

एक हजार करोड़ का राहत पैकेज
केंद्र सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए एक हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है। इनमें तुरंत राहत के लिए 500 करोड़ ओडिशा को और 500 करोड़ रुपए बंगाल-झारखंड को दिए जाएंगे। यह रकम नुकसान के आधार पर दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने तीनों राज्यों को भरोसा दिया कि केंद्र सरकार इस मुश्किल वक्त में हर संभव मदद करेगी।

केंद्र प्रभावित राज्यों में नुकसान का जायजा लेने के लिए एक इंटर मिनिस्ट्रियल टीम भेजेगा। साथ ही तूफान से तबाह हुए बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करने में भी मदद करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा सरकार की ओर से तूफान से निपटने के लिए की गई तैयारियों की तारीफ की, जिससे कम से कम जानमाल का नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने बंगाल का जिक्र नहीं किया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी रिव्यू मीटिंग कर रही हैं। शुक्रवार को वे इसके लिए साउथ 24 परगना के गंगासागर पहुंचीं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी रिव्यू मीटिंग कर रही हैं। शुक्रवार को वे इसके लिए साउथ 24 परगना के गंगासागर पहुंचीं।

राहत पर राजनीति हावी
सूत्रों के मुताबिक, PM के दौरे के समय ममता का व्यवहार केंद्र को रास नहीं आया है। पूरे घटनाक्रम को ओछी राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि समुद्री तूफान ने पूरे ओडिशा और पश्चिम बंगाल को प्रभावित किया है। इसलिए जरूरी है कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर लोगों तक तेज और प्रभावी मदद पहुंचाएं।

इस लिहाज से प्रधानमंत्री की बैठकों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के अपोजिशन लीडर को बुलाया गया था। ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष कोरोना से उबर रहे हैं। इसलिए वे बैठक में शामिल नहीं हो पाए। शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। इसलिए उन्हें बैठक में बुलाया गया था। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी से भी बैठक में शामिल होने के लिए संपर्क किया गया था। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में हैं, इसलिए शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

अमित शाह बोले- दीदी का बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का ममता दीदी का बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण है। चक्रवात यास ने कई लोगों को प्रभावित किया है और उनकी मदद करना समय की मांग है। दुख की बात है कि दीदी ने अहंकार को जनकल्याण से ऊपर रखा है। आज का संकीर्ण व्यवहार यही दिखाता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आपदा काल में बंगाल की जनता को सहायता देने के भाव से आए हुए प्रधानमंत्री के साथ इस प्रकार का व्यवहार पीड़ादायक है। जन सेवा के संकल्प और संवैधानिक कर्तव्य से ऊपर राजनैतिक मतभेदों को रखने का यह एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है।

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। ममता जी को भी लोगों के कल्याण के लिए अपना अहंकार अलग रखना चाहिए। प्रधानमंत्री की बैठक से उनकी गैरमौजूदगी संविधान के चरित्र और सहकारी संघवाद की संस्कृति की हत्या है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के भद्रक-बालेश्वर जिलों और पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर का हवाई सर्वे किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के भद्रक-बालेश्वर जिलों और पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर का हवाई सर्वे किया।

ओडिशा और बंगाल का एरियल सर्वे किया
साइक्लोन यास से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के भद्रक और बालेश्वर जिलों और पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर का हवाई सर्वे किया। इन जिलों में ही तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। इधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि सुबह 5 बजे के आसपास बिहार और उससे सटे झारखंड के इलाके में तूफान का असर कम हो गया है।

तस्वीर साउथ 24 परगना की है। यहां तूफान के बाद तेज बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। इस दौरान एक शख्स सामान लादकर सुरक्षित स्थान पर जाता हुआ।
तस्वीर साउथ 24 परगना की है। यहां तूफान के बाद तेज बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। इस दौरान एक शख्स सामान लादकर सुरक्षित स्थान पर जाता हुआ।

सामान्य जीवन जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश
इससे पहले गुरुवार को तूफान के प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री ने एक रिव्यू मीटिंग की थी। आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर बताया गया कि मीटिंग में कई पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि NDRF की 106 टीमों को बंगाल और 46 टीमों को ओडिशा में तैनात किया गया था। इस दौरान 1000 से ज्यादा लोगों को बचाया और 2500 से ज्यादा पोल और पेड़ को हटाया। इनकी वजह से सड़कें जाम हो गईं थी।

मीटिंग में बताया गया कि अधिकतर इलाकों में दूरसंचार और बिजली की सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। मीटिंग में PM ने कहा कि केंद्र और राज्यों में एजेंसियों ने तूफान की चुनौतियों से निपटने में प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।

तस्वीर सुंदरवन के गोसाबा गांव की है। यहां तूफान ने ज्यादा नुकसान पहुंचाया। इस दौरान गांव के लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पहुंचाया गया।
तस्वीर सुंदरवन के गोसाबा गांव की है। यहां तूफान ने ज्यादा नुकसान पहुंचाया। इस दौरान गांव के लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पहुंचाया गया।

दोनों राज्यों में 21 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बंगाल और ओडिशा में तूफान की वजह से 21 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बारिश और घरों के टूटने की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 ओडिशा और एक बंगाल से है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा, शंकरपुर, मंदारमनी दक्षिण 24 परगना जिले के बाद बकखाली, संदेशखाली, सागर, फ्रेजरगंज, सुंदरबन आदि जगहों से लेकर पूरे बंगाल में 3 लाख लोगों के घर इस तूफान से उजड़ गए। 134 बांध भी टूट गए हैं, जिन्हें ठीक करवाया जा रहा है।

अपडेट्स

  • गुरुवार दोपहर बंगाल के मुर्शिदाबाद के हरिहरपारा में बिजली गिरने से ताहासेन शेख और सईदुल इस्लाम की मौत हो गई। हादसे में 5 लोग घायल हुए हैं।
  • बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के सागर, सुंदरवन, फ्रेजरगंज, संदेश खाली, बकखाली आदि इलाकों में बारिश का पानी भर गया है।
  • दीघा समुद्र तट पर समुद्र की लहरें पूरे उफान पर हैं। समुद्र के तेज लहरों से उठकर भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच पानी लगातार वीआईपी इलाकों में घुस रहा है।
  • ओडिशा के राउरकेला एयरपोर्ट को छोड़कर बाकी सभी हवाई अड्‌डों पर फ्लाइट्स ने आना-जाना शुरू कर दिया है।
  • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा है कि तूफान से रांची एयरपोर्ट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि दरभंगा और पटना एयरपोर्ट को अलर्ट पर रखा गया है।
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