PM के संबोधन की 7 बड़ी बातें:बच्चों की वैक्सीन से लेकर, बुजुर्गों-फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज तक, प्रधानमंत्री मोदी का पूरा संबोधन

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का संबोधन 13 मिनट 26 सेकंड लंबा रहा। उन्होंने 15 से 18 साल तक के बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज दिए जाने से लेकर कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे तक पर बात की। इस दौरान जहां उन्होंने जनता को चेतावनी दी, वहीं राहत की सांस लेने का मौका भी दिया। तस्वीरें के जरिए देखिए पीएम मोदी के संबोधन की 7 खास बातें क्या रहीं।

1. ओमिक्रॉन से किया सभी को सतर्क, मास्क की दिलाई याद

ओमिक्रॉन दुनिया भर में फैल रहा है। भारत में भी कई लोगों के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का पता चला है। मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि panic नहीं करें सावधान और सतर्क रहें। मास्क पहनें और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धोते रहें।
ओमिक्रॉन दुनिया भर में फैल रहा है। भारत में भी कई लोगों के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का पता चला है। मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि panic नहीं करें सावधान और सतर्क रहें। मास्क पहनें और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धोते रहें।

2. देश में मौजूद हेल्थकेयर सुविधाओं पर किया आश्वस्त

पीएम ने बताया, आज देश में 18 लाख आइसोलेशन बेड, 5 लाख ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1.4 लाख आईसीयू बेड और बच्चों के लिए 90,000 स्पेशल बेड तैयार हैं। हमारे पास 3 हजार से ज्यादा फंक्शनल ऑक्सीजन प्लांट हैं और सभी राज्यों को 4 लाख सिलेंडर दिए गए हैं।
पीएम ने बताया, आज देश में 18 लाख आइसोलेशन बेड, 5 लाख ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1.4 लाख आईसीयू बेड और बच्चों के लिए 90,000 स्पेशल बेड तैयार हैं। हमारे पास 3 हजार से ज्यादा फंक्शनल ऑक्सीजन प्लांट हैं और सभी राज्यों को 4 लाख सिलेंडर दिए गए हैं।

3. पहला हथियार गाइडलाइन्स का पालन, दूसरा हथियार वैक्सीन

कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि निजी रूप से सभी गाइडलाइन्स का पालन करना कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है। साथ ही इस महामारी से लड़ाई का दूसरा हथियार है वैक्सिनेशन।
कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि निजी रूप से सभी गाइडलाइन्स का पालन करना कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है। साथ ही इस महामारी से लड़ाई का दूसरा हथियार है वैक्सिनेशन।

4. देश ने हासिल किया 141 करोड़ वैक्सीन डोज का अभूतपूर्व टारगेट

भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था। ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल टारगेट को पार कर चुका है।
भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था। ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल टारगेट को पार कर चुका है।

5. देश में जल्दी ही नेज़ल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन भी शुरू होंगी

आज भारत की एडल्ट्स आबादी में से 61% से ज्यादा को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। लगभग 90 % एडल्ट्स को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है।देश में जल्दी ही नेज़ल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन भी देना शुरू हो जाएगा।
आज भारत की एडल्ट्स आबादी में से 61% से ज्यादा को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। लगभग 90 % एडल्ट्स को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है।देश में जल्दी ही नेज़ल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन भी देना शुरू हो जाएगा।

6. तीन जनवरी से 15 से 18 साल की उम्र वाले बच्चों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी

15 साल से 18 साल की आयु के बीच के जो बच्चे हैं, अब उनके लिए देश में वैक्सीनेशन प्रारंभ होगा। 3 जनवरी को सोमवार के दिन से इसकी शुरुआत की जाएगी। ये फैसला, स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हमारे बच्चों की, और उनके माता-पिता की चिंता कम करेगा।
15 साल से 18 साल की आयु के बीच के जो बच्चे हैं, अब उनके लिए देश में वैक्सीनेशन प्रारंभ होगा। 3 जनवरी को सोमवार के दिन से इसकी शुरुआत की जाएगी। ये फैसला, स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हमारे बच्चों की, और उनके माता-पिता की चिंता कम करेगा।

7. फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुजुर्गों को 10 जनवरी से बूस्टर डोज दी जाएगी

हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स का कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए उन्हें 10 जनवरी से वैक्सीन की Precaution Dose देना शुरू किया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी (बीमारी से पीड़ित) वाले नागरिकों को भी उनके डॉक्टर की सलाह पर 10 जनवरी से वैक्सीन की Precaution Dose का विकल्प दिया जाएगा।
हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स का कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए उन्हें 10 जनवरी से वैक्सीन की Precaution Dose देना शुरू किया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी (बीमारी से पीड़ित) वाले नागरिकों को भी उनके डॉक्टर की सलाह पर 10 जनवरी से वैक्सीन की Precaution Dose का विकल्प दिया जाएगा।
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