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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट देखने पहुंचे मोदी की 10 PHOTOS:अमेरिका से लौटने के बाद प्रधानमंत्री ने देखा नए संसद भवन का काम, एक घंटे तक लिया जायजा

24 दिन पहले
PM मोदी रविवार रात 8.45 बजे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए संसद भवन का निर्माण देखने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों से भी बात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे से लौटने के बाद रविवार रात 8.45 बजे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए संसद भवन का निर्माण देखने पहुंचे। उन्होंने कंस्ट्रक्शन साइट पर करीब 1 घंटे का वक्त बिताया। मोदी पहली बार निरीक्षण करने पहुंचे थे। आइए 10 फोटो में देखते हैं प्रधानमंत्री का जायजा कैसा रहा।

सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक पुराने गोलाकार संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा।
सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक पुराने गोलाकार संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा।
नया संसद भवन 13 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसमें दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा।
नया संसद भवन 13 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसमें दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग) के हालिया प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री के नए आवासीय कॉम्प्लेक्स में चार मंजिला 10 इमारतें होंगी।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग) के हालिया प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री के नए आवासीय कॉम्प्लेक्स में चार मंजिला 10 इमारतें होंगी।
प्रधानमंत्री के नए आवास को 15 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। मौजूदा संसद भवन का इस्तेमाल भी जारी रहेगा। इसका उपयोग संसदीय आयोजनों के लिए किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के नए आवास को 15 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। मौजूदा संसद भवन का इस्तेमाल भी जारी रहेगा। इसका उपयोग संसदीय आयोजनों के लिए किया जाएगा।
2026 में लोकसभा सीटों का नए सिरे से परिसीमन का काम शेड्यूल्ड है। सदन में सांसदों की संख्या बढ़ सकती है। बढ़े हुए सांसदों के बैठने के लिए पुरानी बिल्डिंग में पर्याप्त जगह नहीं है।
2026 में लोकसभा सीटों का नए सिरे से परिसीमन का काम शेड्यूल्ड है। सदन में सांसदों की संख्या बढ़ सकती है। बढ़े हुए सांसदों के बैठने के लिए पुरानी बिल्डिंग में पर्याप्त जगह नहीं है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के मुताबिक मौजूदा संसद की इमारत 100 साल पुरानी है। सुरक्षा संबंधी समस्याएं हैं। आग लगने से बचाव संबंधी सुरक्षा मापदंडों का अभाव है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के मुताबिक मौजूदा संसद की इमारत 100 साल पुरानी है। सुरक्षा संबंधी समस्याएं हैं। आग लगने से बचाव संबंधी सुरक्षा मापदंडों का अभाव है।
आर्टिकल-81 के मुताबिक देश में 550 से ज्यादा लोकसभा सीटें नहीं हो सकती हैं। इनमें 530 राज्यों में जबकि 20 केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। फिलहाल देश में 543 लोकसभा सीटें हैं।
आर्टिकल-81 के मुताबिक देश में 550 से ज्यादा लोकसभा सीटें नहीं हो सकती हैं। इनमें 530 राज्यों में जबकि 20 केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। फिलहाल देश में 543 लोकसभा सीटें हैं।
पुराने संसद भवन को 1921 में एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने बनाया था। उस समय ये इमारत छह साल में बनकर तैयार हुई थी। इसे बनाने में 83 लाख रुपए लगे थे।
पुराने संसद भवन को 1921 में एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने बनाया था। उस समय ये इमारत छह साल में बनकर तैयार हुई थी। इसे बनाने में 83 लाख रुपए लगे थे।
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के बीच का तीन किमी लंबे एरिया को सेंट्रल विस्टा कहते हैं। सितंबर 2019 में केंद्र सरकार ने इसके री-डेवलपमेंट की योजना बनाई।
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के बीच का तीन किमी लंबे एरिया को सेंट्रल विस्टा कहते हैं। सितंबर 2019 में केंद्र सरकार ने इसके री-डेवलपमेंट की योजना बनाई।
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