करतारपुर / प्रधानमंत्री मोदी 8 नवंबर को कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे, पाकिस्तान की तरफ से अभी तारीख तय नहीं



पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुघर, जहां के लिए गलियारे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। (फाइल फोटो) पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुघर, जहां के लिए गलियारे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुघर, जहां के लिए गलियारे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। (फाइल फोटो)पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुघर, जहां के लिए गलियारे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। (फाइल फोटो)

  • भारत की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का काम लगभग पूरा हुआ
  • कॉरिडोर पाकिस्तान में करतारपुर साहिब को गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से जोड़ेगा
  • कॉरिडोर से भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को बिना वीजा पाकिस्तान जाने की सुविधा मिलेगी

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2019, 11:15 AM IST

नई दिल्ली/बठिंडा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को इतिहास रचा जाएगा। गुरु नानक देवजी के आशीर्वाद से आखिरकार सिख पंथ को श्री करतारपुर साहिब के खुले दर्शन दीदार का सौभाग्य मिल रहा है। करतारपुर कॉरिडोर का काम लगभग पूरा हो चुका है। पिछले दिनों पाकिस्तान ने उद्घाटन की तारीख तय नहीं होने की बात कही थी।

 

 

एसजीपीसी प्रधान बोले- पंजाब सरकार की जिद मेरी समझ से परे

उधर, शिरामेणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और पंजाब सरकार के बीच गुरु नानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व के कार्यक्रम को लेकर सहमति बनती दिखाई नहीं दे रही। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, एसजीपीसी के मंच से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की राजनीति हावी होने की आशंका जता रहे है, वहीं एसजीपीसी इससे साफ इनकार कर रही है। शनिवार को कमेटी के प्रधान गोविंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि वह अभी भी कैप्टन से बात करने के लिए तैयार हैं और भरोसा दिलाते हैं कि यह पूरी तरह से एक धार्मिक कार्यक्रम रहेगा। किसी तरह की राजनीति की इजाजत नहीं दी जाएगी।

 

करतारपुर कॉरिडोर का महत्व
भारत-पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर मार्ग पंजाब में गुरदासपुर से तीन किलोमीटर दूर है। यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ेगा। इससे भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी। 1539 में इसी जगह गुरु नानक देव ने शरीर छोड़ा था। सूत्रों ने कहा कि करतारपुर गलियारे पर काम 31 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जो गुरु नानक देव की 550वीं जयंती से पहले है।

 

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