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पुलिस का ‘बालिग उग्रवादी’ 12 साल का छात्र निकला, मां बोली- घर से हाॅकी मैच देखने गया था

3 वर्ष पहले
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  • खूंटी मुठभेड़ पर खुला पुलिस का झूठ, भास्कर टीम नारंगा गांव पहुंची, मां-बाप, शिक्षकों से जाना कैसा था थॉमस
  • मां-पिता ने बताया कि थॉमस की जन्मतिथि 2006 की, स्कूल में दो साल घटाई थी उम्र

खूंटी (मुकेश सिंह चौहान/रंजीत प्रसाद/राहुल). अड़की प्रखंड के लोंगकाटा जंगल में 29 जनवरी को पुलिस और पीएलएफआई के बीच हुई फायरिंग में मारे गए संत थॉमस सोय को पुलिस भले ही ‘बालिग उग्रवादी’ बता रही हो, मगर थॉमस के गांव नारंगा तक पहुंची भास्कर टीम की पड़ताल बताती है कि उसकी उम्र महज 12 साल थी। वह वास्तव में मुरहू के स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था और स्कूल टीचर और प्रिसिंपल भी इसकी तस्दीक करते हैं। स्कूल रिकॉर्ड में तो उसकी जन्मतिथि 2008 की है, जिसके मुताबिक वह 10 साल का था। हालांकि थॉमस की मां पौलिना सोय से भास्कर टीम ने बात की तो पता चला कि थॉमस का जन्म 2006 में हुआ था। स्कूल में भर्ती करवाते समय बाकी लोगों की तरह उन्होंने भी थॉमस की उम्र दो साल घटाकर लिखवाई थी। मां का कहना है कि थॉमस तो उससे पूछे बिना खेलने तक नहीं जाता था। 21 जनवरी को भी वह मुचिया में चल रही हॉकी प्रतियोगिता देखने के लिए कहकर निकला था। फिर लौटा ही नहीं।