• Hindi News
  • National
  • The Era Of Beginning Of New Political Equations In Kerala; Political Boil Over 'Narcotic Jihad' By The Priest, Opposition To The Ruling Left Front Government And Congress, BJP Came Out In Support Of The Priest's Statement

केरल में नए सियासी समीकरणों की शुरुआत का दौर:‘नारकोटिक जिहाद’ पर पादरी के बोल से राजनीतिक उबाल, सत्तारूढ़ वाम मोर्चा सरकार और कांग्रेस का विरोध, पादरी के बयान के समर्थन में उतरी BJP

तिरुअनंतपुरम4 महीने पहलेलेखक: केए शाजी
  • कॉपी लिंक
पादरी कालारंगाट ने एक धार्मिक सभा में कहा था कि भारत में दो प्रकार के जिहाद हैं एक लव जिहाद और नारकोटिक जिहाद। - Dainik Bhaskar
पादरी कालारंगाट ने एक धार्मिक सभा में कहा था कि भारत में दो प्रकार के जिहाद हैं एक लव जिहाद और नारकोटिक जिहाद।

केरल में पिलाई के कैथोलिक पादरी जोसेफ कालारंगाट के लव जिहाद और नारकोटिक जिहाद संबंधी बयान के बाद राज्य में राजनीतिक उबाल आ गया है। पादरी के बयान के बाद राज्य में नए राजनीतिक समीकरण भी बन रहे हैं। सत्तारूढ़ वाम मोर्चा और कांग्रेस ने बयान को समाज को बांटने वाला करार दिया है। जबकि भाजपा ने इस बयान के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।

पादरी कालारंगाट ने एक धार्मिक सभा में कहा था कि भारत में दो प्रकार के जिहाद हैं। लव जिहाद-जिसमें मुस्लिम युवा ईसाई और हिंदू लड़कियों से जबरन विवाह कर आतंक के रास्ते में धकेलते हैं। नारकोटिक जिहाद में आइसक्रीम पार्लर, होटल और जूस कॉर्नर चलाने वाले धर्म विशेष के लोग दूसरे धर्मों के लोगों को ड्रग्स का आदी बनाते हैं।

शिक्षाविद् निशिम मन्नाथुकरेन का कहना है कि धार्मिक विविधता वाले राज्य केरल में पहली बार किसी धर्मगुरु द्वारा दिए गया ऐसा बयान है। मन्नाथुकरेन के अनुसार पादरी का बयान अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद दुनिया भर में इस्लाम के विरुद्ध पनपती सोच को भी दर्शाता है।

बयान पर बवाल, बयानबाजियाें से पक्ष साधने का प्रयास

समुदायों में वैमनस्य की कोशिश : कांग्रेस
कांग्रेस नीत यूडीएफ का कहना है कि पादरी का बयान केरल में ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश है। पादरी का बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है। पादरी और उनके समर्थक इन आरोपों को साबित नहीं कर पाए हैं।

केंद्र पादरी के बयान पर संज्ञान ले: भाजपा
राज्य सभा सदस्य और भाजपा नेता सुरेश गोपी का कहना है कि केंद्र सरकार पादरी के बयान पर संज्ञान लेकर कार्रवाई भी करे। भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं ने पादरी कालारंगाट के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि उनकी बात को सुना जाना चाहिए।

कैथोलिक चर्च का बयान नहीं: धर्मगुरु
ईसाई धर्मगुरुओं ने बयान जारी कर कहा कि पादरी कालारंगाट का बयान गलत तथ्यों पर आधारित है। ये बयान कैथेलिक और गैर कैथोलिक ईसाई समुदाय की भावनाओं को परिलक्षित नहीं करता है। ये पादरी का भाजपा से समीपता बढ़ाने का प्रयास हो सकता है।

मुख्यमंत्री विजयन बोले- धर्म और ड्रग्स का मुद्दा अलग-अलग
मुख्यमंत्री पी. विजयन का कहना है कि सरकारी आंकड़ों के आधार पर धर्म और ड्रग्स का कोई संबंध नहीं है। ये अलग-अलग मामला है। लव जिहाद और नारकोटिक जिहाद का कोई वास्ता नहीं है। 2020 में नारकोटिक के मामले 49 फीसदी हिंदुओं, 34 फीसदी मुस्लिमों और 15 फीसदी ईसाई समुदाय के लोगों पर दर्ज हुए। ड्रग के आदी लोगों के धर्म परिवर्तन का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। विजयन का कहना है कि बयान से उपजे विवाद से वो लोग खुश हो सकते हैं जो केरल के समाज में बंटवारे को देखना चाहते हैं।