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बंगाल में छठे फेज की वोटिंग:बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच 79.09% मतदान; 43 सीटों पर BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत 306 प्रत्याशी मैदान में

कोलकाता3 महीने पहले

पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए छठे चरण के चुनाव में 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग समाप्त हो गई। बढ़ते संक्रमण के बीच शाम 5 बजे तक 79.09% मतदान हुआ।

इस फेज में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कभी ममता के खास रहे मुकुल रॉय की किस्मत का फैसला होना है। रॉय नादिया जिले में कृष्णानगर उत्तर सीट से TMC की प्रत्याशी और बांग्ला अभिनेत्री कौशानी मुखर्जी और कांग्रेस के सिल्वी साहा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

तृणमूल की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य भी दम दम में CPI-M के तन्मय भट्टाचार्य और भाजपा की अर्चना मजूमदार के खिलाफ लड़ रही हैं। उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में तृणमूल ने कांग्रेस विधायक मोहित सेनगुप्ता के खिलाफ कनिया लाल अग्रवाल को मैदान में उतारा है।

प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक-निर्माता राज चक्रवर्ती बैरकपुर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। बंगाल के मंत्री मोहम्मद गुलाम रब्बानी भाजपा के गुलाम सरवर और कांग्रेस के मसूद नसीम एहसान को गोलपोखर सीट पर भिड़ेंगे।

चार जिलों की 43 सीटों पर वोटिंग
छठे चरण में उत्तर दिनाजपुर जिले की सभी 9 सीटों, नदिया जिले की 17 में से 9 सीटों, उत्तर चौबीस परगना की 33 में से 17 सीटों और बर्धमान जिले की 24 में 8 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इन जिलों का समीकरण देखें तो उत्तर दिनाजपुर जिले में लोकसभा की तीन सीटें दार्जिलिंग, रायगंज और बालुरघाट आती हैं। तीनों पर भाजपा के सांसद हैं। जबकि 9 विधानसभा सीटों में 6 पर तृणमूल, एक पर CPM, एक पर फॉरवर्ड ब्लॉक और एक पर कांग्रेस का विधायक है।

तृणमूल और भाजपा छठे चरण की सभी 43 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। छठे चरण में, 50.65 लाख महिलाओं सहित 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता 14,480 मतदान केंद्रों पर अपने वोट डालेंगे। शेष दो चरणों के लिए मतदान 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना 2 मई को होगी।

लोकसभा और पंचायत चुनाव में बड़े लेवल पर हुई थी हिंसक घटनाएं
गृह मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल बंगाल में राजनीतिक हिंसा के कुल 663 मामले सामने आए थे और कुल 57 लोगों की मौत हुई। 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में हिंसा के कुल 693 मामले दर्ज किए गए और 11 लोगों की मौत हुई। इसके बाद 1 जून 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक राजनीतिक हिंसा के कुल 852 मामले दर्ज किए गए थे और 61 लोगों की मौत हुई थी।

वहीं, 2018 के पंचायत चुनावों में 23 लोगों की मौत हुई थी। BJP दावा करती है कि राजनीतिक हिंसा में उसके 130 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जिसके लिए TMC जिम्मेदार है, जबकि TMC बंगाल में हिंसा फैलाने का आरोप BJP पर लगाती है।

कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से करना होगा पालन
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले चरणों में हिंसा को देखते हुए सुरक्षा उपाय सख्त किए गए हैं। चौथे चरण के मतदान में 10 अप्रैल को कूच बिहार में पांच लोगों की मौत हो गयी थी। उन्होंने कहा कि आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए छठे चरण में केंद्रीय बलों की कम से कम 1,071 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है। मतदान प्रक्रिया के दौरान कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

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