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भास्कर एक्सक्लूसिव:बंगाल की स्ट्रैटजी से बिहार की सत्ता तक पहुंच पाएंगे PK? बिहार में सियासी पांव मजबूत करने के 3 मास्टर प्लान

नई दिल्ली11 दिन पहलेलेखक: अविनीश मिश्रा

10 साल तक पॉलिटिकल स्ट्रैटजी की दुनिया में काम करने के बाद चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पॉलिटिक्स में उतर चुके हैं। PK जन सुराज पदयात्रा, बात बिहार की और यूथ इंपॉर्टेंस प्रोग्राम के जरिए बिहार की सियासी जमीन पर पांव जमाने की कोशिश में जुटे हैं। बिहार में 2024 में लोकसभा चुनाव और 2025 में विधानसभा चुनाव होना है। इसको देखते हुए PK ने अपनी कंपनी I-PAC की तैनाती की है।

I-PAC सूत्रों के मुताबिक करीब 100 से ज्यादा स्टाफ PK की योजना को मूर्त रूप देने के लिए बिहार में काम शुरू कर चुका है। बताया जा रहा है कि जिस रणनीति से बंगाल में प्रशांत ने ममता दीदी की सत्ता को बरकरार रखा था, वही रणनीति यहां भी अपनाई जा रही है। बिहार में PK एकसाथ तीन स्ट्रैटजी पर काम कर रहे हैं। आइए, PK की रणनीति को विस्तार से समझते हैं...

जन सुराज पदयात्रा: 15 हजार इन्फ्लूएंसर्स से मिलेंगे
महात्मा गांधी की कर्म भूमि पश्चिमी चंपारण के प्रशांत किशोर 2 अक्टूबर को जन सुराज पदयात्रा निकालेंगे। इस पदयात्रा में PK लोगों से मिल कर उनकी बातों को सुनेंगे और भविष्य में चुनाव के समय मेनिफेस्टो में शामिल करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रशांत जन सुराज पदयात्रा से पहले जिलास्तर पर करीब 15 हजार इन्फ्लूएंसर्स से मुलाकात करेंगे। इनमें व्यापारी, शिक्षाविद, समाजसेवी और जातीय संगठन से जुड़े लोग शामिल होंगे।

4 मई 2022 को पटना में केबीसी विजेता सुशील कुमार से प्रशांत किशोर मिले। PK से मुलाकात के बाद सुशील ने बताया कि प्रशांत राजनीति पार्टी अभी नहीं बनाएंगे।
4 मई 2022 को पटना में केबीसी विजेता सुशील कुमार से प्रशांत किशोर मिले। PK से मुलाकात के बाद सुशील ने बताया कि प्रशांत राजनीति पार्टी अभी नहीं बनाएंगे।

PK ने इस अभियान को पूरा करने के लिए पटना से अलग-अलग जिलों में जाना भी शुरू कर दिया है। इस अभियान में वे इन्फ्लूएंसर्स से पिछले 30 सालों का अनुभव और आगे क्या काम किया जा सकता है, इसके बारे में जान और समझ रहे हैं।

यूथ इंपॉर्टेंस प्रोग्राम: छात्रों पर विशेष फोकस
बिहार में रोजगार, एजुकेशन और समय से सरकारी एग्जाम ना होने को लेकर त्रस्त युवाओं को साधने के लिए प्रशांत ने इस अभियान की शुरुआत की है। इसमें PK बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज में जाकर छात्रों से मिलेंगे।

प्रशांत किशोर बिहार के युवाओं से वर्चुअली संवाद भी कर रहे हैं। इसके लिए पहले से YIP के ट्विटर हैंडल पर सब्जेक्ट बताए जाते हैं।
प्रशांत किशोर बिहार के युवाओं से वर्चुअली संवाद भी कर रहे हैं। इसके लिए पहले से YIP के ट्विटर हैंडल पर सब्जेक्ट बताए जाते हैं।

18-45 साल तक के युवाओं से प्रशांत किशोर मिलेंगे। इस दौरान उनकी टीम फीडबैक का एक खाका भी तैयार करेगी। पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाकात के साथ ही प्रशांत ने इस अभियान की शुरुआत कर दी है। PK ने यहां के छात्र नेताओं से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति पर पिछले दिनों बात की थी।

बात बिहार की : 30 लाख लोगों से सोशल कनेक्टिंग
प्रशांत का यह अभियान 3 साल पुराना है। हालांकि, ममता बनर्जी के साथ जाने और कोरोना की वजह से यह अभियान स्थगित हो गया था। बात बिहार की प्रोग्राम के तहत प्रशांत किशोर लोगों से सोशल मीडिया पर कनेक्ट होंगे और लोकल लेवल पर उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

जन सुराज पदयात्रा निकालने से पहले प्रशांत किशोर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लोकल इश्यू पर कनेक्ट करने में जुटे हैं।
जन सुराज पदयात्रा निकालने से पहले प्रशांत किशोर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लोकल इश्यू पर कनेक्ट करने में जुटे हैं।

बात बिहार की प्रोग्राम के तहत अब तक 11 लाख से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। प्रशांत की टीम ने इसी प्रोग्राम के तहत #PKSePucho हैश टैग भी ट्विटर पर शुरू किया है। इसमें यूजर्स बिहार को लेकर अपना सवाल पूछ सकते हैं।

बंगाल की स्ट्रैटजी से बिहार साधने की कोशिश
प्रशांत किशोर के करीबियों की मानें तो बिहार में लागू किए जाने वाला मास्टर प्लान मिशन बंगाल से मिलता-जुलता है। हालांकि, बंगाल में प्रशांत किशोर ने तृणमूल कांग्रेस के लिए काम किया था। बंगाल में ममता बनर्जी के लिए प्रशांत ने 'दीदी के बोलो' (दीदी को बोलो) और 'द्वारे सरकार' अभियान शुरू किया गया था।

PK पिछले साल ममता बनर्जी की पार्टी के लिए काम कर चुके हैं। इस चुनाव में ममता बनर्जी को जबरदस्त सफलता मिली। हालांकि, इसके बाद प्रशांत चुनावी रणनीति के काम को अलविदा कह दिया।
PK पिछले साल ममता बनर्जी की पार्टी के लिए काम कर चुके हैं। इस चुनाव में ममता बनर्जी को जबरदस्त सफलता मिली। हालांकि, इसके बाद प्रशांत चुनावी रणनीति के काम को अलविदा कह दिया।

इसके अलावा, 'बांग्ला निजे मे के चाय' (बंगाल को अपनी बेटी ही चाहिए) कैंपेन स्टार्ट कर बंगाली अस्मिता को जोड़ने का काम किया था। इसी तर्ज पर बिहार में #PKSePucho और जन सुराज अभियान शुरू किया गया है। बंगाल की तरह प्रशांत बिहार में भी महिलाओं और युवाओं पर विशेष फोकस कर रहे हैं।

40 साल से कम उम्र के करीब 3.6 करोड़ से ज्यादा वोटर्स
इलेक्शन कमीशन के 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 40 साल से कम उम्र के करीब 4 करोड़ 29 लाख वोटर्स हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष वाले 71 लाख वोटर्स, 20 से 29 वर्ष वाले करोड़ 60 लाख वोटर्स और 30 से 39 वर्ष वाले 1 करोड़ 98 लाख वोटर्स हैं। प्रशांत नीतीश और लालू पर एक साथ हमला बोलकर इन वोटरों को साधने की कोशिश में जुटे हैं।