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राष्ट्रपति चुनाव से पीछे हटे ममता के पसंदीदा चेहरे:पवार-फारूक के बाद गांधी जी के पौत्र ने किया इनकार, आज फिर बैठक करेगा विपक्ष

नई दिल्ली2 महीने पहले

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी एकता की गांठ ढीली पड़ती दिखाई दे रही है। शरद पवार और फारूक अब्दुल्ला के बाद अब पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया है।

गोपाल कृष्ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं, वे महात्मा गांधी के पौत्र हैं।
गोपाल कृष्ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं, वे महात्मा गांधी के पौत्र हैं।

गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा- इस मामले पर गहराई से विचार करने के बाद मैं देखता हूं कि विपक्ष का उम्मीदवार वह होना चाहिए, जो विपक्षी एकता के अलावा राष्ट्रीय सहमति और राष्ट्रीय माहौल पैदा करे। मुझे लगता है कि और भी लोग होंगे जो मुझसे बेहतर तरीके से ऐसा करेंगे।

ममता ने 15 जून को दिया था प्रस्ताव
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 जून को विपक्षी दलों की मीटिंग में पवार, गांधी और अब्दुल्ला को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव दिया था। दूसरी बैठक से पहले ही इन तीनों चेहरों ने प्रत्याशी बनने से इनकार कर दिया। अब विपक्षी दल 21 जून को शरद पवार की अध्यक्षता में एक बार फिर मीटिंग करेंगे। इसमें ममता शामिल नहीं होंगी।

29 जून है नॉमिनेशन की आखिरी तारीख
गांधी से पहले शरद पवार और फारूक अब्दुल्ला भी राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने से इनकार कर चुके हैं। राष्ट्रपति पद के लिए 29 जून तक नॉमिनेशन दाखिल किए जा सकेंगे, इस हिसाब से अब नॉमिनेशन के लिए 10 दिन से भी कम वक्त बचा है, जबकि विपक्ष की तरफ से सुझाए गए तीनों चेहरों ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग होगी। 21 जुलाई को काउंटिंग खत्म होने के बाद ही नए राष्ट्रपति के नाम का ऐलान हो जाएगा। 2017 में राष्ट्रपति चुने गए देश के 15वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को ही खत्म हो रहा है।

इसलिए मजबूत है NDA
NDA बहुमत के आंकड़े से बेहद करीब है। उसे बीजेडी के नवीन पटनायक और वायएसआरसी के जगनमोहन रेड्‌डी के समर्थन की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवीन पटनायक एवं जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात भी कर चुके हैं।

हालांकि, दोनों ने ही उम्मीदवार का नाम सामने आने के बाद ही समर्थन पर फैसला करने के लिए कहा है। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में NDA का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। रामनाथ कोविंद को 65.35% वोट मिले थे। इस बार भी NDA इसे दोहराने की कोशिश में है।

चलते-चलते नजर डाल लीजिए सामान्य वर्ग से इतर अलग-अलग कैटेगरी से अब तक राष्ट्रपति बन चुके चेहरों पर..

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