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  • Prime Minister Narendra Modi addresses the 61st edition of his monthly radio programme 'Mann Ki Baat', on Sunday at 6 pm. The first address of PM Modi's monthly programme in 2020 will is scheduled on on the Republic Day

मन की बात / मोदी ने कहा- "कैन डू" का भाव संकल्प बनकर उभरा, लोग जल संचयन की कहानियां-तस्वीरें जरूर शेयर करें

Prime Minister Narendra Modi addresses the 61st edition of his monthly radio programme 'Mann Ki Baat', on Sunday at 6 pm. The first address of PM Modi's monthly programme in 2020 will is scheduled on on the Republic Day
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Prime Minister Narendra Modi addresses the 61st edition of his monthly radio programme 'Mann Ki Baat', on Sunday at 6 pm. The first address of PM Modi's monthly programme in 2020 will is scheduled on on the Republic Day

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- यह इस साल और इस दशक की पहली मन की बात
  • खेलो इंडिया में 80 रिकॉर्ड बनाए गए और इनमें से 56 बेटियों ने बनाए- नरेंद्र मोदी

दैनिक भास्कर

Jan 26, 2020, 06:59 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार 'मन की बात' कार्यक्रम में बोले। मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस की वजह से ही कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया और शाम 6 बजे मैं आप लोगों से बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि भारत में कैन डू यानी "हम कुछ कर सकते हैं' का भाव संकल्प बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने असम में खेलो इंडिया के आयोजन पर बधाई दी और ऐलान किया कि इसी तर्ज पर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन होगा। उन्होंने छात्रों को परीक्षा की तैयारियों के लिए बधाई दी और कहा कि सर्दी और परीक्षा के सीजन में खुद को फिट रखें।

23 साल से कैम्पों में रह रही ब्रू रियॉन्ग जनजाति को मिलेगा घर-शिक्षा, 600 करोड़ केंद्र देगा- मोदी

  • मन की बात, शेयरिंग, लर्निंग और ग्रोइंग टुगेदर का प्लेटफॉर्म बना। हर महीने लोगों के सुझावों पर चर्चा और काम करने का मौका मिलता है। अगर किसी ने कोई काम किया, तो क्या हम भी वैसा कर सकते हैं। नो टू सिंगल यूज प्लास्टिक, खादी, स्वच्छता, बेटियों का सम्मान, कैशलेस इकोनॉमी जैसे संकल्पों का जन्म हमारी चर्चा में हुआ। बिहार के शैलेष ने मन की बात में दिए गए संदेश पर अमल करते हुए गरीबों को कपड़े बांटे, प्रधानमंत्री अब उन्हें चिठ्ठी लिखेंगे।

  • जल शक्ति अभियान जनभागीदारी से आगे बढ़ रहा है। राजस्थान में लोगों ने बावड़ियां साफ करने का संकल्प लिया। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सराही झील को सहेजा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में ग्रामीणों ने गांव पाइपलाइन बिछाई। मोदी ने अपील की- जल संचयन पर अपने आसपास हो रहे प्रयासों की फोटो और कहानियां जरूर शेयर करें।

  • असम में खेलो इंडिया में 6 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 80 रिकॉर्ड टूटे और इनमें से 56 रिकॉर्ड बेटियों ने तोड़े। 2018 में जब खेलो इंडिया की शुरुआत हुई, तब इसमें 3500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। 3 साल में यह संख्या दोगुनी यानी 6 हजार हो गई। 3200 प्रतिभाशाली बच्चे उभरकर सामने आए। कई ऐसे हैं, जो अभाव और गरीबी के बीच पढ़े लिखे हैं। सरकार ने खेलो इंडिया की तर्ज पर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी का आयोजन करने का फैसला लिया है। 22 जनवरी से 1 मार्च तक कटक में ऐसा पहला आयोजन होगा। 3 हजार से ज्यादा खिलाड़ी इसके लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।

  • अभावों से जूझकर जीत हासिल करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा- गुवाहाटी की पूर्णिमा सफाई कर्मचारी हैं। उनकी बेटी और बेटों ने खेलों में असम का प्रतिनिधित्व किया। तमिलनाडु में बीड़ी बनाने वाले योगानंद की बेटी ने वेटलिंफ्टिंग में गोल्ड जीता। अपने पास भी एक डेविड बेकहम है, जिसने गुवाहाटी के खेलों में स्वर्ण जीता। मां-बाप को खो चुके इस बच्चे ने साइकिलिंग स्पर्धा में पदक जीता। चाचा उन्हें फुटबॉलर बनाना चाहते थे, इसलिए नाम डेविड बेकहम रखा। भिवानी के प्रशांत ने पोलवॉल्ट में मेडल जीता। वे मिट्टी में प्रैक्टिस करते थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली जाने का मौका मिला। मुंबई की करीना की कहानी किसी भी स्थिति में हार न मानने की प्रेरणा देती है। उन्होंने 100 मीटर स्वीमिंग बैकस्ट्रोक में गोल्ड जीता। घुटनों में चोट के चलते उन्हें ट्रेनिंग छोड़नी पड़ी थी, पर हिम्मत नहीं हारी और आज परिणाम सामने है।

  • एग्जाम का सीजन आ चुका है। देश के करोड़ों विद्यार्थियों से चर्चा के बाद मैं विश्वास से कह सकता हूं कि देश का युवा आत्मविश्वास से भरा है और चुनौती के लिए तैयार है। सर्दी और परीक्षा के बीच खुद को फिट रखें। एक्सरसाइज जरूर करें। मैं इन दिनों देखता हूं कि फिट इंडिया को लेकर कई इवेंट होते हैं। 18 जनवरी को साइक्लोथॉन हुआ। पिछले साल नवंबर में शुरू हुई फिट इंडिया स्कीम कामयाब हुई। 65 हजार से ज्यादा स्कूलों ने फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल किया। मैं सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि दिनचर्या में फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ावा जरूर दें।
  • मोदी ने कहा- पिछले दो महीने त्योहारों की धूम थी। इसी दौरान दिल्ली एक परिवर्तन का गवाह बन रही थी। 1997 में जातीय तनाव के कारण 'ब्रू रियॉन्ग' जनजाति को मिजोरम से निकलकर त्रिपुरा में शरण लेनी पड़ी। इन्हें अस्थायी कैम्पों में रखा गया। 23 साल तक न घर न जमीन, न इलाज का प्रबंध, न बच्चों की शिक्षा। जरा सोचिए, जीवन कितना मुश्किल और कष्टप्रद रहा होगा। इनका संविधान के प्रति विश्वास अडिग रहा। उनके लिए समझौते से गरिमापूर्ण जीवन का रास्ता खुल गया है। 34 हजार शरणार्थी त्रिपुरा में बसाए जाएंगे, पुनर्वास के लिए 600 करोड़ रुपए केंद्र देगा। घर, राशन की व्यवस्था की जाएगी।

  • मोदी ने कहा- असम में एक और बड़ा काम हुआ। यहां 8 मिलिटेंट ग्रुप के लोगों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। ये मुख्यधारा में वापस आए। पिछले साल त्रिपुरा में भी 80 से ज्यादा लोग हिंसा का रास्ता छोड़ वापस लौटे। उनका यह विश्वास दृढ़ हुआ कि शांति ही विवाद सुलझाने का एक मात्र रास्ता है। नॉर्थईस्ट में विद्रोह कम हुआ है। यहां हर एक मुद्दे को शांति के साथ चर्चा करके सुलझाया जा रहा है। मैं हिंसा के रास्ते पर गए लोगों से अपील करता हूं कि वे वापस लौट आएं। हम ज्ञान, विज्ञान और लोकतंत्र के युग, 21वीं सदी में हैं। क्या आपने कोई ऐसी जगह सुनी है, जहां हिंसा से कोई रास्ता निकला हो। किसी भी समस्या का हल दूसरी समस्या पैदा करना नहीं है।

  • गणतंत्र दिवस के मौके पर गगन यान के बारे में बताते हुए हर्ष हो रहा है। गगनयान मिशन के साथ हमें भारतवासी को आसमान में ले जाने के संकल्प को सिद्ध करना है। नए भारत के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगा। इस मिशन के एस्ट्रोनॉट के तौर पर 4 उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है। चारों युवा भारतीय वायुसेना के पायलट हैं। ये कुछ ही दिनों में ट्रेनिंग के लिए रूस जाएंगे। यह रूस और भारत के बीच मैत्री का नया अध्याय बनेगा। इन्हें एक साल तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इन्हीं पर अंतरिक्ष में भारत की आशाओं को लेकर जाने का जिम्मा होगा।

  • पिछले दिनों मीडिया और सोशल मीडिया में एक वाकया चर्चा का विषय बना हुआ था। कैसे 100 साल की महिला राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति को आशीर्वाद देती हैं। यह पद्म पुरस्कारों का मौका था और आशीर्वाद देने वाली 106 साल की कर्नाटक की सालूमरदा थीमक्का थीं। कल शाम भी पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। आप सब इन लोगों के बारे में जरूर पढ़ें, इनके योगदान पर चर्चा करें। पद्म पुरस्कारों के लिए 46 हजार नामांकन थे, पिछली बार के मुकाबले 20 गुना से भी ज्यादा। यानी पद्म अवॉर्ड अब पीपुल्स अवॉर्ड बन गए हैं।

रविवार को मन की बात का 61वां एपिसोड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 6 बजे 61वीं बार 'मन की बात' कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। पहली बार यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस पर प्रसारित हुआ। साथ ही यह नए साल (2020) में भी मन की बात का पहला एपिसोड है। राजपथ पर मुख्य समारोह की वजह से इसका समय भी बदलकर सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे किया गया।

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