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प्रतिक्रिया / कांग्रेस की मांग- सरकार महंगाई-बेरोजगारी पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए, प्रियंका ने कहा- भाजपा ने लोगों के पेट पर लात मारी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार पर महंगाई रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार पर महंगाई रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार पर महंगाई रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार पर महंगाई रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)

  • कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार को महंगाई से निपटने का रोडमैप जनता से साझा करना चाहिए
  • प्रियंका गांधी का सवाल- सब्जियां और दाल जैसी चीजें महंगी होंगी तो गरीब क्या खाएगा?
  • पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा- क्या यही भाजपा सरकार के ‘अच्छे दिन’ का वादा 

दैनिक भास्कर

Jan 14, 2020, 01:51 PM IST

नई दिल्ली. देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने के मुद्दे पर कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। महंगाई दर बीते साढ़े पांच साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने पर कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जनता को बताएं कि अगले 30 दिन में इससे कैसे निपटेंगे? पार्टी ने सरकार से महंगाई पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार महंगाई राेकने में नाकाम रही है। 

प्रियंका ने कहा, ‘‘खाने पीने की वस्तुएं आम लोगों की पहुंच से दूर हो रही हैं। जब सब्जियां, तेल, आटा और दाल जैसी चीजें महंगी होगीं तो गरीब क्या खाएगा। आर्थिक मंदी के कारण गरीबों को नौकरी भी नहीं मिल रही है। भाजपा सरकार ने न सिर्फ गरीबों की जेब काटी है उनके पेट पर भी लात मार दी है।’’

प्रधानमंत्री जनता को भ्रम में नहीं डाल सकते हैं: सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केवल देश को बांटने वाली बात कर रहे हैं। वे देश की प्रमुख समस्याओं के समाधान पर चर्चा नहीं कर रहे हैं। मोदी बताएं कि सरकार के पास 30 दिन में महंगाई को काबू करने के लिए क्या रोडमैप है। वे जनता को गुमराह कर भाग नहीं सकते हैं। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद से ही सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला शुरू कर दिया। इससे समाज के दबे-कुचले वर्ग के लाखों लोग प्रभावित हुए।

गिरती अर्थव्यस्था के लिए मोदी सरकार का प्रबंधन जिम्मेदार: चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश  की गिरती अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह से नरेंद्र मोदी सरकार का आर्थिक प्रबंधन जिम्मेदार है। जुलाई 2014 में 7.39 % के महंगाई दर से शुरुआत की थी और 2019 के अंत में यह 7.35 % है। खाद्य पदार्थों की महंगाई 14.2% और सब्जियों की कीमतें 60% बढ़ी हैं। क्या यही भाजपा के अच्छे दिन का वादा था। उन्होंने कहा कि देश नागरिकता कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों से पहले ही नाखुश हैं। ऐसे में अगर देश में बेरोजगारी बढ़ेगी और आय कम होगी तो युवाओं और छात्रों का गुस्सा भड़क सकता है। 

महंगाई पर विपक्ष ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में विभिन्न विपक्षी पार्टियों ने बैठक की। इसमें देश में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता प्रकट की गई। इसमें कहा गया कि देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा है। जीडीपी कम हो गया है। बेरोजगारी पिछले 50 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं और उद्योग बंद हो रहे हैं। पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस, सब्जियों और सभी आवश्यक वस्तुएं की कीमतें बढ़ने से लोगों की स्थिति दयनीय है। मोदी सरकार ने एक भयावह आर्थिक स्थिति पैदा कर दी है।

देश में महंगाई दर पिछले साढ़े पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर पर
सांख्यिकी कार्यालय ने सोमवार को देश में  महंगाई के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, खुदरा (रिटेल) महंगाई दर दिसंबर में बढ़कर 7.35% पहुंच गई। यह साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा है। खुदरा महंगाई दर उन्हीं स्तरों पर पहुंच गई जितनी मोदी सरकार के आने के वक्त थी। जुलाई 2014 में यह दर 7.39% थी। पिछले नवंबर में 5.54% रही थी। सब्जियों खासकर प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से दिसंबर में खुदरा महंगाई दर ज्यादा प्रभावित हुई। सब्जियां दिसंबर में 60.5% महंगी हुईं। खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 14.12% रही। नवंबर में 10.01% थी।

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